डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय
लखनऊ। स्नातक व परास्नातक दिव्यांग विद्यार्थियों को भी उद्योग जगत से जुड़कर अपना भविष्य संवारने का मौका मिल सकेगा। इसके लिए डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप बोर्ड (उत्तरी क्षेत्र) कानपुर के साथ मिलकर खास अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम तैयार करेगा। बोर्ड के निदेशक डॉ. विवेक कुमार ने भी अपनी मंजूरी दे दी है।
इस संबंध में बोर्ड के निदेशक ने बृहस्पतिवार को विवि का दौरा कर विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि इस सहयोग से छात्रों को वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव मिलेगा, जिससे रोजगार की राहें आसान होंगी। साथ ही बैठक में पाठ्यक्रम को उद्योग की जरूरतों के अनुसार बनाने, कौशल-आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
विवि के प्रवक्ता डॉ. यशवंत वीरोदय ने बताया कि डॉ. कुमार ने लिंब एवं रिहैबिलिटेशन सेंटर का भी निरीक्षण किया। सेंटर के प्रबंधक डॉ. रंजीत कुमार ने सुविधाओं, उपकरणों और पुनर्वास से जुड़े कामों की जानकारी दी। डॉ. कुमार ने इसे कौशल विकास से जोड़ने की सहमति दी है।
कुलपति आचार्य संजय सिंह के अनुसार दिव्यांग विद्यार्थी सिर्फ डिग्री तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें ऐसा प्रशिक्षण मिले जिससे वे सीधे रोजगार से जुड़ सकें। राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप बोर्ड के साथ यह पहल विद्यार्थियों के लिए नए रास्ते खोलेगी।