लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) अपने घटक संस्थान व कॉलेजों में बीवोक व बीसीए पाठ्यक्रम भी शुरू करेगा। कुलपति प्रो. जेपी पांडेय की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई विद्यापरिषद की बैठक में इससे जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गर्ई। वहीं विद्यार्थी विश्वविद्यालय से अब अंग्रेजी, इंडस्ट्रियल सोशियोलॉजी व इंडस्ट्रियल साइकोलॉजी में भी पीएचडी कर सकते हैं।
प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि बीवोक इन जर्नलिज्म व मास कम्युनिकेशन एवं ग्राफिक्स मल्टीमीडिया प्रोग्राम शुरू करने व यूपीआईडी नोएडा में बीसीए पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति दी गई। इसी तरह विद्यार्थियों को दी जाने वाली सेमिनार ग्रांट की संख्या 50 से बढ़ाकर 100, विश्वेश्वरैया शोध ग्रांट की 50 से बढ़ाकर 100 विद्यार्थी करने को सहमति दी गई।
उन्होंने बताया कि ट्रेवल ग्रांट को भी 50 से बढ़ाकर 100 शिक्षकों को देने पर सहमति बनी है। इसी क्रम में स्पेस व क्वांटम तकनीकी में 20 क्रेडिट के ऑनलाइन कोर्स को भी हरी झंडी दी गई। इनोवेशन हब में छात्रों के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू करने को सहमति दी गई। दो क्रेडिट के इस इंटर्नशिप में छात्रों को स्टार्टअप के साथ काम करने का मौका मिलेगा।मानदेय भी दिया जाएगा।
प्रो. पांडेय ने बताया कि पीएचडी विद्यार्थियों की सुविधा को देखते हुए हर महीने आरडीसी कराने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगी। इससे छात्रों को अब छह महीने इंतजार नहीं करना पड़ेगा। स्वयं के लोकल चैप्टर को सभी संस्थानों को बनाने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगी। 40 प्रतिशत पीजी पाठ्यक्रमों को मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स (मूक्स) पर लाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई।
उन्होंने बताया कि इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी लखनऊ की शैक्षिक स्वायत्तता बढ़ाई गई। साथ ही स्वयं ऑनलाइन कोर्स के प्रचार-प्रसार व छात्र सहभागिता को बढ़ावा देने के प्रस्ताव पर सहमति बनी। बैठक में प्रतिकुलपति प्रो. राजीव कुमार, वित्त अधिकारी केशव सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. दीपक नगरिया, डीन पीजी प्रो. सीतालक्ष्मी, डीन यूजी प्रो. अनुराग त्रिपाठी, आईआईटी कानपुर के प्रो. निश्चल वर्मा, आईआईटी रुड़की के प्रो. वर्जीव त्यागी आदि उपस्थित थे।