दिवंगत राजीव गांधी की सरकार में ताकतवर गृहमंत्री रहे बूटा सिंह का कांग्रेस से मोहभंग हो गया है।
वे अब सपा सुप्रीमो मुलायमसिंह यादव की साइकिल की सवारी करेंगे।
कांग्रेस ने इस बार लोकसभा चुनाव में बूटासिंह को टिकट नहीं दिया।
यही कारण रहा कि उन्होंने पार्टी से बगावत कर दी और सपा में शामिल हो गए। बूटा सिंह सपा के टिकट पर राजस्थान के जालौर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे।
बताया जा रहा है, बूटा ने पहले भाजपा से जुडऩे की भी कोशिश की थी। कामयाबी नहीं मिली, तो उन्होंने सपा का दामन थाम लिया।
बूटा करीब पचास साल से कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। राजीव गांधी केसाथ वे इन्दिरा गांधी के भी भरोसेमंद रहे थे। सपा के महासचिव रामगोपाल यादव ने शुक्रवार सुबह बूटासिंह को पार्टी का टिकट दिए जाने का ऐलान किया।
गौरतलब है कि बूटा सिंह कुछ अरसे पहले तक राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के मुखिया भी रहे हैं। कार्यकाल पूरा होने के बाद मनमोहन सरकार ने उन्हें दूसरा मौका नहीं दिया।
अब कांग्रेस ने उनका टिकट भी काट दिया। जालौर से बूटा पहले भी जीत चुके हैं। रामलहर केदौर में उन्हें भाजपा के कैलाश मेघवाल ने वहां से पराजित भी किया था।