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पोस्ट मास्टर की हत्या कर शव कार में रखा और फूंक दिया

Thu, 12 May 2016 10:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फैजाबाद
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जलकर राख हुई कार - फोटो : amar ujala
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कैंट थाना क्षेत्र में एक पोस्टमास्टर का कत्ल कर उसका शव कार में डालकर फूंक दिया गया। गुरुवार की भोर में फोरलेन लखनऊ हाईवे पर मुमताज नगर पुल के पास जली हुई कार की पिछली सीट पर उसका नरकंकाल मिलने से हड़कंप मच गया।
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कार के नंबर से हुई जांच में नरकंकाल की पहचान शारदा कॉलोनी निवासी हरिशंकर सिंह के रूप में हुई। वे रेलवे स्टेशन के सामने स्थित पोस्ट ऑफिस की मोदहा शाखा में बतौर पोस्टमास्टर तैनात थे। कार कौन ड्राइव कर रहा था? उसमें कौन-कौन सवार थे? इसका कुछ पता नहीं चला है।

पुलिस की जांच में हत्या कर शव जलाने की बात सामने आई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के साथ गोली लगने की संभावना पर कंकाल का एक्सरे भी कराया लेकिन कोई क्लू नहीं मिला है।
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लखनऊ जाने की बात कहकर निकले थे

घटनास्थल पर जांच करती पुलिस - फोटो : amar ujala
परिवारीजनों की ओर से भी किसी से दुश्मनी नहीं बताई जा रही है। मूलरूप से बीकापुर के मलिकपुर निवासी हरिशंकर सिंह (50) पुत्र हरदेव सिंह ने उसरु स्थित शारदा नगर कॉलोनी में अपना आवास बनवा लिया था। जहां परिवार के साथ रहते थे।

वर्तमान में वह रेलवे स्टेशन के सामने स्थित पोस्ट ऑफिस की मोदहा शाखा में बतौर पोस्ट मास्टर तैनात थे। वह बुधवार को परिवारीजनों को लखनऊ जाने की बात कहकर गये थे।

गुरुवार सुबह कैंट पुलिस को हाईवे पर चंद्रावती डिग्री कॉलेज के पास स्थित पुलिया पर एक जलती हुई कार की जानकारी हुई तो पुलिस ने मौके पर पहुंच स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाई और पड़ताल की।

इसमें जली हुई कार की सीटों के बीच एक अधेड़ का जला हुआ कंकाल मिलने पर सनसनी फैल गई। सूचना पर पुलिस के आला अधिकारी पहुंचे और पड़ताल के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को बुला लिया और फोरेंसिक दस्ते से जांच कराई।

जली हुई बॉडी कार के पिछले हिस्से में कैसे पहूंची

रोते बिलखते परिजन - फोटो : amar ujala
वाहन के पंजीकरण नंबर यूपी 43 एम 4778 की पड़ताल के बाद पता चला कि कंकाल शारदा नगर कॉलोनी निवासी हरिशंकर का हैं। उन्होंने वाहन गोंडा के तरबगंज निवासी देवेंद्र प्रताप सिंह से खरीदा था। परिवारीजनों के मुताबिक, वाहन वह खुद ही चलाते थे।

मगर सवाल यह है कि आखिर उनकी बॉडी जली हुई कार के पिछले हिस्से में सीटों के बीच कैसे पहुंची? इतना ही नहीं महज आधे घंटे से कम समय में उनका शरीर जलकर कंकाल कैसे बन गया? परिवारीजन इसको हादसा मानने को कत्तई तैयार नहीं है।

शव 90 फीसदी जला होने के चलते पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कोई खास सुराग नहीं हासिल हो पाया है। पुलिस ने बिसरा जांच के लिए रखवा लिया है। वहीं डीएनए जांच के लिए भी सैंपल सुरक्षित कराया है।

मृतक की पत्नी संगीता सिंह व लखनऊ स्थित एक पॉलीटेक्निक कॉलेज में प्रवक्ता पद पर तैनात बेटा प्रताप सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। पढ़ाई कर रही बिटिया संध्या सिंह बदहवाश है। बेटे प्रताप का कहना है कि अभी अंतिम संस्कार की कवायद में जुटे हैं। बाद में तहरीर पुलिस को देंगे।
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पुलिस कर रही है हर पहलू की जांच

जली कार को ले जाती क्रेन - फोटो : amar ujala
कैंट थाने के प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मौका-मुआयना व पड़ताल के साथ शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। अभी परिवारीजनों की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। पुलिस वाकये के हर पहलू की पड़ताल कर रही है।

एसपी सिटी संकल्प शर्मा का कहना है कि जांच में हत्या करके शव जलाने की बात सामने आ रही है, मगर ऐसा कृत्य करने वाले कौन हैं, कार में और कौन-कौन था? वे कहां फरार हुए, इसका कोई क्लू नहीं मिला है।

कार लखनऊ जाती या वापस आती तो बाराबंकी के अहमदपुर और रौनाही के तहसीनपुर टोल प्लाजा से ही गुजरती, मगर सारे फुटेज चेक करा लिए गए हैं।

कार वहां से होकर जाती या आती नहीं पाई गई है। सीओ सिटी ने कहा कि शव के मुंह में दांत नहीं मिले हैं, यह इशारा करता है कि दांत तोड़े गए हैं।
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