यूपी विधानसभा में जमकर बवाल शुरू हो गया है। भाजपा विधायक स्पीकर के आसन के पास धरने पर बैठ गए हैं। इसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी भी शामिल हैं।
सदन में अखिलेश यादव, कानून व्यवस्था और महंगाई को लेकर जमकर नारेबाजी हुई। भाजपा ने धरना किया तो बसपा ने सरकार के खिलाफ पोस्टर लहराए। कांग्रेस ने भी बहती गंगा में हाथ धो लिए और सरकार का जमकर विरोध किया।
इस बवाल और हंगामे के चलते यूपी विधान परिषद को स्थगित कर दिया गया है। हालांकि, इसी दौरान सीएम अखिलेश यादव ने बजट को अंतिम रूप दे दिया है।
बर्खास्त हो यूपी सरकार
सदन में बवाल मचाने के बाद बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि अखिलेश अपराधियों के सामने बेबस हो गए हैं।
बसपा और भाजपा के हंगामे के चलते जब सदन को दोपहर 12.30 बजे तक स्थगित कर दिया गया, तो बसपा नेताओं ने सीएम पर जमकर आरोप लगाए।
बसपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा कि यूपी में रेप, हत्या और लूट की वारदातें दिनबदिन बढ़ती जा रही हैं।
नसीमुद्दीन ने कहा कि अखिलेश के पास कानून व्यवस्था को लेकर कोई जवाब नहीं है। उन्होंने मांग की कि यूपी सरकार को बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए।
भाजपा का रहेगा आक्रामक रूख
उत्तर प्रदेश के आज से शुरू हो रहे विधानमंडल के बजट सत्र में जोरदार हंगामा होने की पूरी उम्मीद है। भाजपा ने सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार कर इसके संकेत दे दिए हैं।
बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार करके भाजपा ने इस बात के संकेत दे दिए हैं कि सदन में वह सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार करेगी।
पांडेय ने सभी दलों के नेताओं से सत्र के सुव्यवस्थित संचालन के लिए सहयोग का अनुरोध किया है।
अखिलेश ने दिलाया भरोसा
विधान भवन में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भाजपा को छोड़कर सभी दलों के नेता मौजूद थे।
भाजपा विधानमंडल दल के उपनेता सतीश महाना का कहना था कि सरकार जनमत खो चुकी है। इस बैठक का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि सुझाव माने नहीं जाते।
पार्टी अब सीधे सदन के भीतर जनता से जुड़े मामलों को जोरदार तरीके से उठाएगी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधानसभा अध्यक्ष को सत्तारूढ़ दल की ओर से सदन के संचालन में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया।
बैठक में बसपा के स्वामी प्रसाद मौर्य, कांग्रेस के प्रदीप माथुर, रालोद के दलवीर सिंह व पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अंबिका चौधरी मौजूद थे।
18 जुलाई तक के कार्यक्रम को मंजूरी
विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में विधानसभा के 18 जुलाई तक के कार्यक्रम को मंजूरी दे दी गई।
पहले दिन उप्र उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (संशोधन) अध्यादेश, 2014, उप्र मूल्य संवर्धित कर (संशोधन) अध्यादेश, 2014 तथा उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अध्यादेश, 2014 सदन के पटल पर रखा जाएगा।
अखिलेश की खास प्लानिंग
वहीं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बजट सत्र में सभी मंत्रियों से पूरी तैयारी के साथ आने और विधायकों से पूरे समय उपस्थित रहने के निर्देश दिए।
सपा मुख्यालय में सपा विधानमंडल दल की बैठक में अखिलेश यादव ने कहा कि बजट सत्र बहुत महत्वपूर्ण है। कोशिश होनी चाहिए कि सदन में सपा सदस्यों की संख्या पूरी रहे। ऐसे भी मौके आ सकते हैं कि सदन में वोटिंग की नौबत आ जाए। मतदान के समय संख्या कम नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ऐसे मुद्दे उठाएगा जिन पर सरकार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। ऐसे मुद्दों पर विपक्ष के आरोपों का मजबूती से जवाब दिया जाए।
बिजली, पानी मुद्दे का सामना करने को तैयार
वरिष्ठ मंत्री शिवपाल सिंह यादव, विधान परिषद में नेता सदन अहमद हसन और मंत्री अंबिका चौधरी ने भी विधानमंडल दल के सदस्यों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष कुछ मुद्दों को तूल देने की कोशिश करेगा, इसलिए मंत्री और सभी सदस्य पूरी तैयारी के साथ सदन में मौजूद रहे।
उन्होंने कानून व्यवस्था, बिजली, गन्ना मूल्य जैसे मुद्दों पर जोरदार ढंग से बात रखने को कहा। बैठक के बाद नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य विशंबर प्रसाद निषाद ने सभी विधायकों को भोज दिया।
विधानमंडल दल की बैठक में वे सभी मंत्री भी पहुंचे जिनके विभागों में फेरबदल किया गया है। जिन मंत्रियों को अपेक्षाकृत कम अहमियत विभाग विभाग मिले हैं, वे भी मौजूद रहे।