कांग्रेस सदस्य दीपक सिंह ने कहा कि 12 जुलाई को विधानसभा में पीईटीएन बरामद हुआ। यह चिंता का विषय है। उन्होंने पूछा कि यह खतरनाक विस्फोटक है, इसकी जांच किसने की। क्योंकि अब यह कहा जा रहा है कि यह खतरनाक विस्फोटक नहीं है। सरकार को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इसकी जांच हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश से करानी चाहिए।
कांग्रेस सदस्यों ने यह मुद्दा कार्यस्थगन प्रस्ताव के रूप में पेश किया। दीपक सिंह ने कहा कि सरकार ने पूर्व विधायकों के पास निरस्त किए हैं, क्या सरकार को उनसे कोई खतरा है? यदि वह गंभीर विस्फोटक पदार्थ था तो सरकार ने रेलवे स्टेशन व एयरपोर्ट सहित भीड़भाड़ वाले इलाकों में हाई अलर्ट क्यों नहीं किया।
सपा सदस्य शतरुद्र प्रकाश ने कहा कि यह संवेदनशील मसला है। इसमें सभी दलों के साथ बैठकर हल निकालना चाहिए। सुरक्षा के नाम पर विधायकों से अपराधियों जैसा व्यवहार हो रहा है। कांग्रेस के दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि 12 जुलाई का दिन सबसे खराब दिन था। इस घटना के दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
पूरी ईमानदारी से जांच कराकर दोषियों पर की जाए कार्रवाई
नेता विरोधी दल अहमद हसन ने कहा कि यह गंभीर और सुरक्षा से जुड़ा मसला है। इस पर सरकार की ओर से वक्तव्य आना चाहिए। इस मामले में पूरी ईमानदारी से जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। जनता के मन में जो भय है उसे दूर करना चाहिए। शिक्षक दल ने कहा कि हमारा परिचय पत्र केवल सदन के अधिकारी व कर्मचारी देख सकते हैं। बाहर गेट पर पुलिस हमारा परिचय पत्र देख रही है। एक साथी का अपमान किया गया।