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Budget 2026: सस्ती पूंजी और तेज भुगतान से यूपी के एक करोड़ छोटे उद्योगों को सीधा फायदा, पढ़ें पूरी खबर

Mon, 02 Feb 2026 09:27 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Budget 2026: यूपी में 10 हजार करोड़ के फंड से एमएसएमई को इक्विटी सपोर्ट, सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड से रिस्क कैपिटल मिलेगी। हैंडलूम, पीतल, चमड़ा और इत्र उद्योग को नई ताकत मिलेगी। 2,000 करोड़ की अतिरिक्त राशि से माइक्रो और छोटे उद्यमों को रिस्क कैपिटल मिलेगी। ट्रेड्स प्लेटफॉर्म के जरिए अब तक 7 लाख करोड़ से अधिक का क्रेडिट वितरित किया जा चुका है।
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Budget 2026: एक करोड़ छोटे उद्योगों को सीधा फायदा - फोटो : AI Generated
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विस्तार
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केंद्रीय बजट में एमएसएमई सेक्टर के लिए की गई घोषणाएं उत्तर प्रदेश के छोटे और मझोले उद्योगों के लिए बड़ी राहत बनकर आई हैं। प्रदेश में एक करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं, जो लाखों लोगों को रोजगार देने के साथ राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती हैं। बजट के प्रावधानों से इन इकाइयों को पूंजी, बाजार और तकनीक तीनों स्तरों पर मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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बजट की सबसे अहम घोषणा 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई ग्रोथ फंड की है। इसके तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाली एमएसएमई इकाइयों को इक्विटी सहायता मिलेगी। नवाचार, उत्पादन विस्तार, रोजगार सृजन और निर्यात में आगे बढ़ रही यूपी की इकाइयों को इससे खास लाभ होगा।

सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड में 2000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जोड़ने से माइक्रो और छोटे उद्यमों को जोखिम पूंजी उपलब्ध होगी। इससे स्टार्टअप, कारीगर आधारित और ग्रामीण उद्योग बिना भारी गारंटी के पूंजी जुटा सकेंगे।

तेज भुगतान से नकदी संकट में राहत

सरकार ने ट्रेड्स प्लेटफॉर्म को और मजबूत किया है, जिसके जरिए अब तक 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का क्रेडिट एमएसएमई को मिल चुका है। पीएसयू की खरीद ट्रेड्स से, इनवॉइस डिस्काउंटिंग को क्रेडिट गारंटी से जोड़ने और जेम पोर्टल से लिंक करने से यूपी के उद्योगों को समय पर भुगतान मिलेगा।
 
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200 पुराने क्लस्टरों का पुनरुद्धार

यूपी के पारंपरिक उद्योगों के लिए 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों को आधुनिक सुविधाओं से सशक्त किया जाएगा। बनारस की हैंडलूम, मुरादाबाद का पीतल, आगरा का चमड़ा और कन्नौज का इत्र उद्योग इससे नई ताकत पाएंगे। कॉरपोरेट मित्र योजना के तहत टियर-2 और टियर-3 शहरों में एमएसएमई को जीएसटी और अन्य नियमों के अनुपालन में चार्टर्ड एकाउंटेंट संस्थान, कंपनी सचिव संस्थान और कॉस्ट एकाउंटेंसी संस्थान जैसे संस्थानों के सहयोग से प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स उद्यमियों को मदद करेंगे।

एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने कहा कि केंद्र का बजट उत्तर प्रदेश की एमएमएसई इंजन के लिए ग्रोथ इंजन का काम करेगा। एक करोड़ से ज्यादा छोटी इकाइयों, एक जिला एक उत्पाद से जुड़ी इकाइयों को सबसे ज्यादा ताकत मिलेगी। 10 हजार करोड़ का एसएमई ग्रोथ फंड से 10 फीसदी की रफ्तार आएगी तो दूसरी तरफ प्रोफेशनल संस्थानों द्वारा उद्यमियों की मदद से नियमों का अनुपालन सरल होगा।
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