प्रदेश में विगत नौ माह से बीटीसी प्रशिक्षण और टीईटी पास करने के बाद भी नौकरी की बाट जोह रहे 10,000 आवेदकों के लिए अच्छी खबर है।
राज्य सरकार इन्हें शिक्षक बनाने जा रही है। इसके लिए जल्द ही शासनादेश जारी करने की तैयारी है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। उसका मानना है कि जितनी जल्दी हो सके शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हो जाएगी।
इसलिए नहीं हो पाई थी भर्ती
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षक बनने की योग्यता स्नातक व बीटीसी है। प्रदेश में मौजूदा समय दो वर्षीय बीटीसी करने के बाद 30,000 से अधिक प्रशिक्षार्थी घूम रहे हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग ने सितंबर 2013 में 10,000 बीटीसी वालों को शिक्षक बनाने का आदेश जारी किया था, लेकिन कोर्ट में मामला जाने के बाद भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई।
बेसिक शिक्षा विभाग चाहता है कि अब इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाए।
इसके लिए टीईटी पास बीटीसी वाले ही पात्र होंगे। शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों की बैठक में इस पर सहमति बन चुकी है।
शिक्षा व्यवस्था पर सरकार का खास फोकस
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के विधानमंडल सत्र में भी सत्तापक्ष के विधायक प्रदेश में शिक्षा की बदहाली पर निराशा जता चुके हैं।
वहीं सरकार ने इस पर अमल करते हुए 1 लाख सत्तर हजार शिक्षामित्रों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दे दी है।
इसके अलावा सरकार 72,825 शिक्षकों की भर्ती भी 14 अगस्त तक पूरा कर देने की बात कह रही है।