बसपा सुप्रीमो मायावती लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक बार फिर हमलावर दिखीं। उन्होंने नोटबंदी के मुद्दे को उठाया साथ ही प्रधानमंत्री की मुरादाबाद रैली को नाटकबाजी करार दिया। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार ने नोटबंदी का फैसला जल्दबाजी में लिया है।
कहा कि हमारी पार्टी भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ है। बसपा सुप्रीमो ने कहा, प्रधानमंत्री ने राजनीतिक स्वार्थ को साधने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि मोदी ने तानाशाही और अड़ियल रवैये से गरीब और मध्यमवर्गीय जनता को सजा दी है। मायावती ने सपा सरकार पर भी हमला किया और कहा, उत्तर प्रदेश सरकार के बबुआ भी कम गुनहगार नहीं हैं। नोटबंदी से परेशान जनता की मदद करने के बजाय उन्होंने अपनी पुलिस से लोगों पर लाठियां चलवाईं।
मायावती ने कहा, प्रधानमंत्री ने कालाधन वापस लाने का वादा किया था। ढाई साल हो गए कालाधन नहीं आया। उन्होंने कोई वादा पूरा नहीं किया। देश की जनता के साथ विश्वासघात किया है। मायावती ने कहा कि बिना तैयारी के नोटबंदी का फैसला लिया है जिससे देश की 90 फीसदी जनता खुले आसमान के नीचे आ गई है। उन्होंने कहा, बसपा जनता की परेशानियों का विरोध करती है। कहा कि अपनी कमियों से ध्यान हटाने के लिए भाजपा सरकार ने ऐसा किया है। मायावती ने कहा कि लोगों की समस्याएं दूर करने के बजाय नरेंद्र मोदी नाटकबाजी कर रहे हैं।
मायावती ने आरोप लगाया कि भाजपा ने कालाधन पहले ही मैनेज कर लिया है। सांसदों के लेन-देन का हिसाब लेना भी प्रधानमंत्री की साजिश है। नोटबंदी की वजह से अबतक करीब 100 मौतें हुईं लेकिन केंद्र ने किसी तरह के मुआवजे का ऐलान नहीं किया। जनता अपने ही पैसों के लिए तरस रही है।