ऐसा लगता है कि बसपा को सहारनपुर हिंसा के आधार पर सपा सरकार पर हमला करने का बड़ा मौका मिल गया है। इसलिए बसपाई ऐसी भाषा बोल रहे हैं।
बसपा के महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने रविवार को प्रेस वार्ता में कहा कि सपा की अराजकता का पाप अब उसके ही सिर पर चढ़कर बोल रहा है। उसे बार-बार अराजक तत्वों के सामने मुंह की खानी पड़ती है।
इस सरकार ने मुजफ्फरनगर जैसे बड़े दंगे से भी कोई सबक नहीं लिया, जिससे कांठ व सहारनपुर जैसी घटनाएं हुई।
मौर्य ने कहा कि सहारनपुर दंगे के मृतकों के परिवारीजनों को 20-20 लाख रुपये की सहायता दी जाए।
पहले से ही कोर्ट में मामला
बसपा विधानमंडल दल कार्यालय में मौर्य ने कहा कि सहारनपुर में जिस धर्मस्थल को लेकर विवाद हुआ, उसका मामला पहले से न्यायालय में विचाराधीन है।
इसके बावजूद वहां निर्माण की जानकारी पुलिस व प्रशासन को नहीं हुई। रमजान व ईद के बावजूद एलआईयू को सक्रिय नहीं किया गया, जिससे इतनी बड़ी घटना घटी।
उन्होंने प्रदेश सरकार से दंगा कराने वालों को चिह्नित कर कठोर कार्रवाई करने और कानून-व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है।
साथ ही दंगे में घायल हुए लोगों का फ्री इलाज व एक-एक लाख रुपये और आगजनी से प्रभावित दुकानदारों को नुकसान के हिसाब से आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
मांगा कलराज मिश्र का इस्तीफा
स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा पर नफरत, घृणा व सांप्रदायिकता की राजनीति करने का आरोप लगाया। कहा, भाजपा दंगे की राजनीति से बचना चाहिए।
बेहतर हो कि केंद्र की भाजपा सरकार प्रदेश की बेहतरी, तरक्की, अमन चैन व हिंदू-मुस्लिम सौहार्द के लिए मदद व कानून-व्यवस्था स्थापित करने में सहयोग करती।
केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र द्वारा प्रदेश में आईएसआई की सक्रियता से जुड़े सवाल पर मौर्य ने कहा कि केंद्रीय मंत्री को इस तरह की टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।
उन्हें जब आईएसआई की सक्रियता के बारे में पता है तो फिर ऐसे तत्वों को देश की सीमा के भीतर क्यों आने दिया गया। आईएसआई को देश में आने से रोकने का काम केंद्र सरकार का है।