मध्य प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि चुनाव के बाद बैलेंस ऑफ पावर बनने पर ही सरकार में शामिल होने का विचार किया जा सकता है। वह दिल्ली में मध्य प्रदेश के पार्टी पदाधिकारियों की बैठक ले रही थीं।
मायावती इन दिनों लगातार उन राज्यों के पार्टी पदाधिकारियों की बैठक लें रही हैं जहां विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। छत्तीसगढ़, तेलंगाना और राजस्थान के बाद उन्होंने मंगलवार को मध्य प्रदेश के पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
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उन्होंने कहा कि कर्मठ व ईमानदार उम्मीदवारों का ही चयन किया जाए। कई राज्यों में शक्ति का संतुलन बनने के बावजूद जातिवादी तत्वों द्वारा साम, दाम, दंड, भेद के हथकंडे अपनाए जाते हैं। बसपा विधायकों को तोड़ लिया जाता है। इससे जनता के साथ विश्वासघात कर घोर स्वार्थी लोग सत्ता पर काबिज हो जाते हैं। इसलिए आगे इन विधानसभा चुनाव में बैलेंस ऑफ पावर बनने पर लोगों की चाहत के हिसाब से सरकार में शामिल होने पर विचार किया जाएगा।
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मायावती ने कहा कि इन राज्यों में धार्मिक अल्पसंख्यकों व मुस्लिम समाज का भला तभी हो सकता है जब मजबूत व अहंकारी सरकार नहीं बल्कि गठबंधन की मजबूर सरकार होगी। इस समाज के लोगों पर अत्याचार की खबरें लगातार आती हैं। यह दुखद है। इसका समाधान तभी होगा जब सरकार में उनके हितैषी प्रतिनिधि होंगे। मायावती ने सरकार ने बाढ़ पीड़ितों की भी मदद करने की अपील की।