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यूपी : बसपा नेता जुरगाम मेहंदी को सरेआम गोलियों से भूना, चालक को भी उतारा मौत के घाट

Mon, 15 Oct 2018 11:16 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, लखनऊ
जिला अस्पताल अंबेडकर नगर के बाहर जुटी भीड़ और मृत बसपा नेता जुरगाम मेहंदी (इनसेट)। - फोटो : amar ujala
अंबेडकरनगर में सोमवार सुबह बसपा के बड़े नेता जुरगाम मेहंदी और उनके चालक सुनीत यादव को सरेआम अज्ञात लोगों ने गोलियों से छलनी कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। गोली लगने से दो राहगीर भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। एसपी ने टीम के साथ घटनास्थल का मुआयना कर जांच शुरू कर दी है। जुरगाम मेहंदी बसपा के पूर्व मंत्री लालजी वर्मा के बेहद करीबी थी। 


हंसवार थाना क्षेत्र के नसीराबाद निवासी बसपा नेता जुरगाम सोमवार सुबह अपनी जीप में सवार होकर गांव से टांडा शहर जा रहे थे। गाड़ी उनका चालक सुनीत यादव चला रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक 9:30 बजे के करीब गाड़ी जब रामपुर स्थलवा के पास पहुंची तभी दो बाइकों पर सवार 6 अज्ञात लोगों ने दोनों तरफ से उन्हें घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर शुरू दी। 

करीब छह राउंड फायरिंग में जुरगाम और चालक सुनीत को सीने समेत शरीर में कई जगह गोलियां लगीं। इस दौरान उधर से गुजर रहे दो राहगीरों को भी गोलियां लगीं। सरेआम हुई इस घटना से भगदड़ मच गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी को अस्पताल पहुंचाया। यहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बसपा नेता और उनके चालक को मृत घोषित कर दिया। 


सूत्रों के मुताबिक माफिया खान मुबारक से जुरगाम की पुरानी रंजिश चली आ रही थी। एक साल पहले भी उसने हमला करवाया था। आशंका जताई जा रही है कि खान मुबारक ने ही हत्या करवाई है।  
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जुगराम के खिलाफ थे 11 मुकदमे दर्ज

बसपा नेता जुरगाम पर इससे पहले भी दो बार जानलेवा हमला हो चुका था। एक बार वे बाल-बाल बच गए जबकि एक बार 9 गोलियां लगने के बाद भी उन्होंने मौत को मात दी। लेकिन, सोमवार को हुए हमले में वे जिंदगी की जंग हार गए। वहीं, जुरगाम के खिलाफ कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। हंसवर थाने में 11 मुकदमे जबकि एक मुकदमा मुंबई में दर्ज है।

पूर्व मंत्री लालजी वर्मा ने जताया रोष
इस घटना पर बसपा नेता पूर्व मंत्री लालजी वर्मा ने आक्रोश जताते हुए कहा कि जुरगाम की सुरक्षा पर ध्यान दिया गया होता तो यह नौबत न आती। पहले भी उन पर हमले हुए थे, जिसके मद्देनजर प्रशासन को उन्हें सुरक्षा मुहैया करानी थी।
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