संगठन को किसी भी परिस्थिति को ध्यान में रहकर चुनाव की तैयारी करने का निर्देश दिया। हालांकि कानपुर के जोन इंचार्ज व एमएलसी भीमराव अंबेडकर ने कहा कि इस बार सपा-बसपा के गठबंधन की चर्चा सुनकर ही दूसरे दलों की हालत खराब होने लगी है। 1993 की तरह मिले मुलायम-कांशीराम वाला नारा लोगों को याद आने लगा है।
बसपा सांसद व राष्ट्रीय महासचिव वीर सिंह ने पार्टी कोऑर्डिनेटरों, मंडल और जिले स्तर के पदाधिकारियों को नसीहत के साथ कई महत्वपूर्ण हिदायतें भी दीं। उन्होंने कहा कि संगठन में अच्छे लोगों को पदाधिकारी बनाएं, जिसमें 50 फीसदी पदों की कमान युवाओं के हाथों में दें। वहीं, संगठन में पुराने लोगों को हटाकर चापलूसों को तरजीह देने की कोशिश न करें। वीर सिंह के साथ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जय प्रकाश ने भी पदाधिकारियों में जोश भरा।
पार्टी के संविधान में संशोधन कर राष्ट्रीय कोऑडिनेटर बनने के बाद पहली बार लखनऊ आए वीर सिंह ने कहा कि जो भी नया कोऑर्डिनेटर आता है वह अपने हिसाब से पुराने को हटाकर नए को रखना शुरू कर देता है। उन्होंने कहा कि चापलूसों को रखने की जगह अच्छे लोगों को पदाधिकारी बनाएं। उन्होंने मंच पर बैठे कोऑर्डिनेटर की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि वे लोग विधानसभा कमेटी, वामसेफ, बीवीएफ, भाईचारा कमेटी सहित संगठन के कामकाज पर भी नजर रखेंगे, जिसकी समय-समय पर समीक्षा होगी। सभी स्तर पर संगठन का गठन पूरा करना है।
वीर सिंह ने कहा कि संगठन में बूथ से लेकर सभी स्तर पर युवाओं को 50 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। आज सोशल मीडिया के जमाने में पार्टी को आगे ले जाने में ये अहम भूमिका निभाएंगे। कैंप की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा ने कहा कि संगठन में सभी को साथ लेकर चला जाएगा और टीम भावना से काम कर 2019 में मायावती जी को प्रधानमंत्री बनाया जाएगा। इस मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेता नौशाद अली, अखिलेश अंबेडकर, नकुल दूबे, दाऊद अहमद उपस्थित रहे।