उत्तर प्रदेश में बसों को लेकर चल रही राजनीति के बाद शनिवार को एक बार फिर बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस पर हमला बोला है। इस बार उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है।
मायावती ने ट्वीट किया कि आज पूरे देश में कोरोना लॉकडाउन के कारण करोड़ों प्रवासी श्रमिकों की जो दुर्दशा दिख रही है, उसकी असली कसूरवार कांग्रेस है। क्योंकि आजादी के बाद इनके लंबे शासनकाल के दौरान अगर रोजी-रोटी की सही व्यवस्था गांव/शहरों में की गई होती तो इन्हें दूसरे राज्यों में क्यों पलायन करना पड़ता?
वैसे ही वर्तमान में कांग्रेसी नेता द्वारा लॉकडाउन में परेशानियों के शिकार कुछ श्रमिकों के दुःख-दर्द बांटने संबंधी जो वीडियो दिखाया जा रहा है वह हमदर्दी वाला कम और नाटक ज्यादा लगता है। कांग्रेस अगर यह बताती कि उसने उनसे मिलते समय कितने लोगों की वास्तविक मदद की है तो यह बेहतर होता।
इसके साथ ही मायावती ने भाजपा को भी घेरे में लिया। उन्होंने लिखा कि भाजपा की केंद्र व राज्य कांग्रेस के पदचिन्हों पर ना चलकर घर वापसी कर रहे इन बेहाल मजदूरों के लिए उनके गांवों/शहरों में ही रोजी-रोटी की सही व्यवस्था करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की नीति पर काम करना चाहिए।
यदि भाजपा इन नीतियों पर अमल करती है तो फिर आगे ऐसी दुर्दशा इन्हें शायद कभी नहीं झेलनी पड़ेगी। उन्होंने लिखा कि बसपा के लोगों से भी मेरी अपील है कि जिन प्रवासी मजदूरों को उनके घर लौटने पर उन्हें गांवों से दूर अलग-थलग रखा गया है और उचित सरकारी मदद नहीं मिल रही है तो ऐसे लोगों को भी अपना मानकर उनकी भरसक मानवीय मदद करने का प्रयास करें। मजलूम ही मजलूम की सही मदद कर सकता है।