बहुजन समाज पार्टी भी चुनाव के दौरान ओपिनियन पोल पर रोक लगाने के पक्ष में है।
पार्टी का कहना है कि ओपिनियन पोल का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं होता लिहाजा मतदाता की राय को प्रभावित करने का अधिकार किसी को नहीं दिया जा सकता।
बसपा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र में कहा है कि एजेंसियां चुनिंदा लोगों की राय लेकर उसे ही पूरी जनता का ओपिनियन बताने का काम करती हैं।
जबकि वह राय आम मतदाताओं की नहीं होती। मिश्र का तर्क है कि 20 लाख मतदाताओं वाले क्षेत्र में कुछ सौ लोगों और पूरे राज्य में कुछ हजार लोगों की राय को पूरे राज्य के लोगों की राय नहीं माना जा सकता।
मतदाताओं की राय व्यक्त करने का यह कोई वैज्ञानिक तरीका नहीं है।