पिछले साल की परीक्षा में नकल के लिए कुख्यात स्कूलों में इस बार यूपी बोर्ड का परीक्षा केंद्र नहीं बनेगा।
प्रदेश के 435 स्कूलों को इस बार परीक्षा केंद्र बनाए जाने से बाहर कर दिया गया है।
इसमें सर्वाधिक स्कूल हरदोई और इलाहाबाद के हैं।
क्षेत्रीय कार्यालय इलाहाबाद ने इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षकों को इनकी सूची भेज दी है।
उप सचिव केंद्र व्यवस्थापक ने जिलों को भेजे निर्देश में कहा है कि वर्ष 2014 की परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण प्रक्रिया से इन स्कूलों को बाहर रखा जाए।
यहां से मिलेगा 6 लाख सालाना तक का पैकेज
परीक्षा के लिए इस बार उन्हीं स्कूलों को केंद्र बनाया जाएगा, जिनकी छवि अच्छी है।
देश की सबसे बड़ी इस बोर्ड परीक्षा में हर साल लाखों विद्यार्थी बैठते हैं। यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल के लिए कई जिले काफी कुख्यात माने जाते हैं।
इसमें कौशांबी, इलाहाबाद, हरदोई, उन्नाव, लखीमपुर खीरी प्रमुख हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद हर बार नकल विहीन परीक्षा कराने की तैयारी करता है, लेकिन उसकी कोशिश धरी की धरी रह जाती है।
शिक्षा माफिया हर बार नकल कराने के लिए नया तरीका खोज निकालते हैं। वर्ष 2013 की यूपी बोर्ड की परीक्षा में जमकर नकल हुई थी।
उड़ाका दल ने जांच के दौरान कई स्कूलों को डिबार यानी काली सूची में डाल दिया था। स्कूल संचालक पुन: जुगाड़ के सहारे परीक्षा केंद्र बनाने में सफल हो जाते हैं।
इसलिए इस बार बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही नकल के दागी स्कूलों की सूची क्षेत्रीय कार्यालय ने जारी कर दी है ताकि इन्हें परीक्षा केंद्र न बनाया जाए।