सुरक्षा मानकों को दर किनार कर मोबाइल सिम बेचने वाले फ्रेंचायजी पर अब बीएसएनएल प्रशासन लगाम कसेगा।
पूर्वी परिमंडल के सीजीएम ने इस मामले में सिम बेचने में सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन कराने के लिए विपणन इकाई से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देशित किया है।
साथ ही अधिकृत फ्रेंचायजी द्वारा बेचे जाने वाले सिम कार्डों के कस्टमर वेरीफिकेशन रजिस्टर का सत्यापन करने को कहा है।
अधिकारियों को ताकीद दी गई है कि यदि कोई फ्रेंचायजी सिम बेचने के दौरान ट्राई द्वारा तय मानकों का पालन नहीं कर रहा है तो उसका अनुबंध निरस्त कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
साथ ही अधिकृत फ्रेंचायजी के क्रियाकलाप पर निगरानी के लिए जीएम मार्केटिंग की अध्यक्षता में अलग से सेल भी गठित की जाएगी।
जो हर पखवारे विशेष अभियान चला बेचे जाने वाले सिम कार्डों के अभिलेखों का सत्यापन करेगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे कैनोपी एजेंट के जरिए ज्यादा कमीशन कमाने के लिए मानक के इतर सिम कार्ड बेचने में होने वाली गड़बड़ी आसानी से पकड़ में आ जाएगी।
मालूम हो कि बीएसएनएल द्वारा अधिकृत फ्रेंचायजी ज्यादा कमीशन कमाने के चक्कर में अपने स्तर पर कैनोपी एजेंट नामित कर सिम कार्ड सेल कर रहे हैं।
ये छोटे एजेंट उपभोक्ता द्वारा दिए गए आईकार्ड व निवास प्रमाणपत्र का वेरीफिकेशन किए बिना न केवल सिम कार्ड बेचते हैं, बल्कि बाद में अधिकृत फ्रेंचायजी से उसे एक्टीवेट भी करा लेते हैं।
कुछ माह पूर्व लखनऊ पुलिस ने नक्सलवादियों को फर्जी आईकार्ड व निवास प्रमाणपत्र के सहारे सिम बेचने का मामला भी पकड़ा था।
पूर्वी परिमंडल के मुख्य महाप्रबंधक भी मानते हैं कि ऐसे कैनोपी एजेंट कम पढ़े लिखे होने के चलते परेशानी खड़ी कर देते हैं। इसीलिए अब अधिकृत फ्रेंचायजी पर लगाम कस ऐसे छोटे एजेंट बनाने की परंपरा को भी रोका जाएगा।