बीएसएनल का नेटवर्क मंगलवार को ध्वस्त रहा। मोबाइल हैंडसेट में पूरे सिग्नल आने के बावजूद भी कॉल मिलाते ही फोन कट जा रहा था।
हालांकि दूसरे नेटवर्क के इक्का-दुक्का फोन आ रहे थे। ब्रॉडबैंड और मैसेज सेवा भी काम नहीं कर रही थी।
पूरे उत्तर भारत के उपभोक्ता परेशान रहे। अकेले लखनऊ में 7.26 लाख उपभोक्ताओं के फोन खिलौना बने रहे।
उस पर कंपनी का गैरजिम्मेदाना रवैया सभी के लिए मुसीबत का सबब साबित हुआ। क्योंकि गड़बड़ी मालूम होने के बाद भी कम्पनी अपने उपभोक्ताओं को दो लाइन मैसेज कर तकनीकी खराबी की जानकारी नहीं दे सकी।
चंडीगढ़ मुख्यालय के इंटेलीजेंट मैनेजमेंट सिस्टम (आईएम) में आई फाल्ट से बीएसएनएल नेटवर्क पर मोबाइल व ब्रॉडबैंड सेवाएं मंगलवार को पूरे दिन ध्वस्त रहीं।
मोबाइल पर पूरे सिग्नल आने के बाद भी इनकमिंग-आउटगोइंग कॉल नहीं हो सकी। बीएसएनएल यूपी ईस्ट से जुड़े जीएम मोबाइल एचआर शुक्ला ने बताया कि फॉल्ट को शाम साढ़े चार बजे तक दुरुस्त किया जा सका।
इसके बाद ही बाधित मोबाइल व ब्रॉडबैंड सेवा शाम पांच बजे से पटरी पर लौटने लगीं।
उन्होंने बताया कि आईएम सिस्टम के माध्यम से ही मोबाइल व ब्रॉडबैंड सेवाओं के खाते में बैलेंस धनराशि की उपलब्धता के आधार पर सेवाओं को प्रदान किया जाता है।
इस सिस्टम में आए फॉल्ट से उपभोक्ताओं के खाते के बैलेंस की अपडेट स्थिति न हो पाने के कारण ही कंप्यूटराइज्ड सिस्टम से पूरे नेटवर्क पर संचार सेवाओं का संचालन बाधित हुआ था।