किशोरी से दुष्कर्म के आरोपों से घिरे मुसाफिरखाना सीओ पर कार्रवाई के बजाय सोमवार देर रात शासन ने उनका तबादला सीबीसीआईडी लखनऊ कर दिया।
वहीं मेडिकल परीक्षण में किशोरी से दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। प्रकरण की जांच एएसपी अमेठी करेंगे।
गृह विभाग ने आईजी जोन व एसपी से पूरे घटनाक्रम पर रिपोर्ट तलब की है।
वहीं पीड़ित के पिता को शिकायत नहीं करने के लिए धमकाने वाले एसओ मुसाफिरखाना मनोज तिवारी व सिपाही अरुण तिवारी को लाइनहाजिर कर दिया गया है।
लेकिन सीओ से पूछताछ या अन्य कार्रवाई के बजाय तबादला किए जाने से महकमे की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
आरोप है कि सीओ श्रीवास्तव के कहने पर ही दोनों पीड़ित के पिता को मामला रफा-दफा करने के लिए दबाव बना रहे थे।
मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र की किशोरी ने सोमवार दोपहर एसपी से मिलकर सीओ विपुल पर नौकरी व शादी का झांसा देकर लखनऊ के आलमबाग स्थित एक होटल में दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।
एफआईआर दर्ज कर पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया गया था। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक तात्कालिक जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है।
महिला थाना एसओ को प्रयोगशाला जांच के लिए स्लाइडें सौंपी गई हैं। एक स्लाइड जांच के लिए सुल्तानपुर भेजी गई है जबकि डीएनए और साइको सोमैटिक स्टेट टेस्ट के लिए स्लाइड लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेजी गई है। टेस्ट रिपोर्ट तीन दिन में मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
खंगाली जाएगी कॉल डिटेल
किशोरी ने लखनऊ के जिस होटल में दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया उसका रिकॉर्ड पुलिस खंगालेगी। आईजी एसटीएफ आशीष गुप्ता ने बताया कि प्रकरण की जांच एएसपी अमेठी करेंगे।
उनसे जल्द से जल्द जांच करके रिपोर्ट देने को कहा गया है। सीओ और किशोरी की कॉल डिटेल भी मंगाई गई हैं।
लखनऊ में ही थे सीओ
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिस दिन किशोरी लखनऊ के होटल में दुष्कर्म की बात कह रही है, उस दिन विपुल कुमार श्रीवास्तव लखनऊ में ही थे।
सीओ की लोकेशन सहारा मॉल के आसपास बताई जा रही है। हालांकि, किशोरी ने घटनास्थल आलमबाग बस स्टैंड के पास की बात कही है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि सीओ उस दिन पत्नी-बच्चों के साथ रामलीला फिल्म देख रहे थे। इसके बाद उन्होंने बिग बाजार में शॉपिंग की थी जिसके सीसीटीवी फुटेज मंगाए गए हैं।