उच्च शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार परीक्षा कार्य शिक्षकों की ड्यूटी का अनिवार्य अंग है। इसके लिए वे मना नहीं कर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर पठन-पाठन के अलावा प्रशासनिक कार्य उनके अतिरिक्त दायित्व हैं। किसी भी सूरत में मुख्य दायित्व की कीमत पर अतिरिक्त काम नहीं हो सकते हैं।
इसके बावजूद काफी शिक्षक प्रशासनिक पद पाने के लिए ही परेशान रहते हैं। मूल्यांकन ही नहीं शिक्षक परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षण ड्यूटी में भी उपस्थित नहीं होते हैं। इस वजह से परीक्षा में चपरासी, कर्मचारी और रिसर्च स्कॉलर से ड्यूटी करानी पड़ती है। जबकि नियमानुसार शिक्षकों को ही कक्ष निरीक्षण करना होता है।