महिला आईएएस की सुंदरता का बखान करने पर मंत्री की कुर्सी गंवाने वाले सत्तारूढ़ दल के नेताजी इन दिनों खासे परेशान हैं।
सरकार में बतौर कैबिनेट मंत्री शामिल किए गए थे। उन्हें यह कतई उम्मीद नहीं थी कि साल भर में ही सब खत्म हो जाएगा।
महकमा भले खादी का रहा हो, उन्होंने अपने दफ्तर को ऐसा चमकवाया कि आंखें फटी रह जाएं। ....लेकिन सुख भोग न सके।
मंत्री बनते ही पहले उनका मन बंगले पर मचल गय। बंगला खाली कराने में उन्होंने पूरी ताकत लगा दी थी। अब जिस मंत्री को उनका आलीशान दफ्तर मिला, उसी को वह बंगला भी मिल गया।
नेताजी इस तिकड़म में हैं कि किसी तरह से बंगला उनके हाथ से न जाने पाए। जब से बंगला मंत्री को आवंटित होने की खबर मिली है, चेहरा लटका हुआ है। हाईकोर्ट भी पहुंच चुके हैं।
लगा कि यहां से कोई राहत नहीं मिल पाएगी, तो अगली तारीख ले ली। अब सीएम से मिलने की जुगत भिड़ा रहे हैं, मुलाकात नहीं हो पा रही।
पहले जिस कैबिनेट में सीना तानकर पहुंचते थे, अब पोर्टिको में उसी की बैठक खत्म होने का इंतजार करते हैं, ताकि लौटते समय सीएम की नजर पड़ जाए तो दुखड़ा सुना सकें।