कांग्रेस के दगदंबिका पाल के साथ-साथ सपा में भी चुनावी तोड़-फोड़ शुरू हो चुकी है। ये सभी भाजपा में शामिल होने के लिए वेटिंग पर हैं।
गोंडा से सपा के पूर्व सांसद कीर्तिवर्धन सिंह के सपा छोड़ भाजपा में शामिल होने के दूसरे ही दिन कैसरगंज से सपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने लोकसभा की सदस्यता व समाजवादी पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
संकेत हैं कि बृजभूषण भी जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकते हैं। सपा ने बृजभूषण शरण सिंह को काफी पहले ही कैसरगंज से प्रत्याशी घोषित कर दिया था।
मगर बाद में उन्होंने सपा पर तमाम आरोप लगाते हुए टिकट लौटा दिया था। इस पर सपा ने तत्काल उनकी जगह माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह को अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया था।
तभी से अटकलें थीं कि बृजभूषण 15 वीं लोकसभा के अंतिम सत्र के बाद संसद की सदस्यता व सपा से नाता तोड़ लेंगे। इसके बाद नरेंद्र मोदी की बहराइच रैली के दिन सांसद के बेटे प्रतीक भूषण भाजपा में शामिल हुए थे।
पिछले दो मार्च को लखनऊ में हुई मोदी की विजय शंखनाद रैली में बृजभूषण भी नजर आए थे। बृजभूषण ने शुक्रवार को संसद की सदस्यता व सपा से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने का रास्ता साफ कर दिया है।
माना जा रहा है कि मोदी लहर के भरोसे संसद में फिर पहुंचने के लिए बृजभूषण किसी भी दिन भाजपा में शामिल हो सकते हैं। बृजभूषण चार बार सांसद रहे हैं।
1991 में भाजपा के टिकट पर वे पहली बार सांसद बने थे। 1999 में इसी सीट से वे दुबारा चुने गए। 2004 में भाजपा ने उन्हें बलरामपुर से प्रत्याशी बनाया और उन्होंने जीत दर्ज की।
15 वीं लोकसभा में वे सपा के टिकट पर कैसरगंज से सांसद चुने गए। अब एक बार फिर वे भाजपा में शामिल होकर संसद पहुंचना चाह रहे हैं।
बृजभूषण 1998 में गोंडा संसदीय सीट पर कीर्तिवर्धन सिंह से हार गए थे। बृजभूषण की पत्नी केतकी भी 1996 में गोंडा से सांसद रही हैं।