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जाटव वोट बैंक में सेंधमारी की रणनीति : मायावती के मुकाबले बेबीरानी मौर्य होंगी भाजपा का दलित चेहरा

Fri, 24 Sep 2021 02:09 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

ब्रज, पश्चिम, अवध, कानपुर-बुंदेलखंड, काशी और गोरखपुर क्षेत्र में बेबीरानी की एक-एक बड़ी सभा कराने के साथ सभी 75 जिलों में बेबीरानी की चुनावी सभाएं और सम्मेलन कराए जाएंगे।
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बेबी रानी मौर्य - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बसपा सुप्रीमो मायावती के मुकाबले के लिए भाजपा ने उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल व नवनियुक्त राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बेबीरानी मौर्य को पार्टी का दलित चेहरा बनाया है। भाजपा ने मायावती के जाटव वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए बेबीरानी को पूरी ताकत से चुनावी मैदान में उतारने की रणनीति बनाई है। ब्रज, पश्चिम, अवध, कानपुर-बुंदेलखंड, काशी और गोरखपुर क्षेत्र में बेबीरानी की एक-एक बड़ी सभा कराने के साथ सभी 75 जिलों में बेबीरानी की चुनावी सभाएं और सम्मेलन कराए जाएंगे।

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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गत महीने हुए प्रवास में ही मायावती के जाटव वोट बैंक में सेंध लगाने  की नींव रख दी थी। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्षों के सम्मेलन में नड्डा का स्वागत चित्रकूट के जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव से कराया गया था। वहीं नड्डा ने सहारनपुर की बलिया खेड़ा की ब्लॉक प्रमुख सोनिया जाटव का स्वागत किया था। उसी दिन शाम को प्रदेश मुख्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश में लगातार कमजोर हो रही बसपा सुप्रीमो मायावती के जाटव वोट बैंक में सेंध लगाने की योजना भी बनी थी।

भाजपा हाईकमान ने तय रणनीति के तहत बेबीरानी मौर्य से उत्तराखंड के राज्यपाल पद से इस्तीफा दिलाकर उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया। जानकारी के मुताबिक ब्रज और पश्चिम के जिलों में खासतौर पर जाटव वोट बैंक पर मायावती का कब्जा माना जाता है। आगरा की बेबीरानी भी जाटव समाज से है। पार्टी ने पश्चिम एवं ब्रज के साथ पूरे प्रदेश में जाटव वोट बैंक को साधने के लिए बेबीरानी पर दांव खेला है। बुधवार को प्रदेश मुख्यालय में चुनाव प्रभारी धर्मेन्द्र प्रधान की पहली चुनावी बैठक में बेबीरानी को लेकर योजना बनाई गई। अक्तूबर-नवंबर में बेबीरानी मौर्य की हर क्षेत्र में एक-एक बड़ी सभा कराई जाएगी, इसमें क्षेत्र के सभी जिलों की दलित एवं अति दलित जातियों के साथ खासतौर पर जाटव समाज के लोगों को जुटाने का प्रयास किया जाएगा। क्षेत्रों के बाद दिसंबर से लेकर चुनाव तक हर जिले में बेबीरानी मौर्य की एक-एक बड़ी सभा कराई जाएगी। उनकी सभाओं के लिए प्रदेश महामंत्री प्रियंका रावत को समन्वयक नियुक्त किया गया है।
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हर क्षेत्र की बनेगी अलग रणनीति
भाजपा ब्रज, पश्चिम, काशी, गोरखपुर, अवध और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए अलग-अलग चुनावी रणनीति बनाएगी। सभी छह क्षेत्रों में मोदी-योगी सरकार के लाभार्थियों को साधने के साथ वहां हुए विकास, जातीय समीकरण, विपक्षी दलों की स्थिति और समसामायिक स्थिति के अनुसार हर क्षेत्र की अलग रणनीति तैयार की जाएगी।

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