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Lucknow News: भारी वाहनों में ब्रेक से छेड़छाड़, उठे मिले टायर

Sun, 01 Dec 2024 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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रायबरेली। सड़क पर दौड़ रहे भारी वाहनों से आए दिन हादसे हो रहे हैं। बढ़ते हादसों के पीछे का कारण पता करने के लिए अमर उजाला की टीम ने शनिवार को जिले से गुजरे राजमार्गों पर खड़े भारी वाहनों की पड़ताल की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
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पता चला कि बेहतर माइलेज, कम मेंटेनेंस और टायर बचाने के लिए एक एक्सल के चार पहियों से इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम हटा हटा दिया जा रहा है। चार पहियों से ब्रेकिंग सिस्टम हटाने पर ब्रेकिंग क्षमता घट जाती है। इससे 10 फीट के बजाय 14-15 फीट पर वाहन रुकते हैं। ऐसे में हादसे की आशंका बढ़ जाती है।

ऐसे किया जाता है खेल
ट्रक, डंपर जैसे भारी वाहन कई टन माल लादकर हजारों किलोमीटर का सफर तय करते हैं। ये वाहन ज्यादातर 10 टायरों वाले होते हैं। कुछ इससे ज्यादा के भी होते हैं। ऑटोमोबाइल कंपनियां ऐसे वाहनों में सेंट्रलाइज्ड हाइड्रोलिक ब्रेक सिस्टम लगाती हैं।
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टायर के हर सेट में ब्रेक एक्चुएटर फिट किए जाते हैं। ब्रेक लगाने पर सभी टायरों पर हाइड्रोलिक प्रेशर बनता है और वाहन तकरीबन 10 फीट की दूरी पर रुक जाता है। ऐसा तब होता, जब सभी टायरों में ब्रेकिंग सिस्टम लगा हो, लेकिन वाहन स्वामी व चालक बेहतर माइलेज, मेंटेनेंस लागत घटाने और टायरों को घिसने से बचाने के लिए चार टायर के सेट वाले एक एक्सल से ब्रेकिंग सिस्टम हटा देते हैं।

वहीं, आगे और पीछे टायरों में कंपनी फिटेड ब्रेकिंग सिस्टम बनाए रखते हैं। एक एक्सल से ब्रेक हटने पर गाड़ी की ब्रेकिंग क्षमता घट जाती है और वाहन 10 के बजाय 14 से 15 फीट दूर जाकर रुक पाता है। यह चार-पांच फीट की अतिरिक्त दूरी अक्सर जानलेवा बन जाती है।

टायरों को घिसने से बचाने के लिए कंप्रेशर से एक एक्सल के चार पहियों को ऊपर उठा देते हैं। नाम न छापने की शर्त पर चालक बताते हैं कि आरटीओ की चेकिंग से बचने के लिए कंप्रेशर से फिर चारों पहिये नीचे कर देते हैं। चालान से बचने के लिए नंबर प्लेट खुरच दी जाती है।
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