हैलो दीदी, मैं आखिरी बार बात कर रहा हूं। मेरी वजह से सूदखोरों ने पूरे घर को परेशान कर रखा है। मैं कार्डियोलॉजी अस्पताल के सामने ट्रेन के आगे कूदकर जान देने जा रहा हूं। मेरे पास सूदखोरों को देने के लिए रुपये नहीं हैं।
बस, इतना कहते ही फोन बंद हो गया। पूरा परिवार भागते हुए कार्डियोलॉजी के सामने क्रॉसिंग पर पहुंचा तो रेलवे लाइन के किनारे युवक का खून से सना शव पड़ा था। परिजनों ने सूदखोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी, लेकिन काकादेव पुलिस ने जीआरपी का मामला बताते हुए टरका दिया।
शास्त्री नगर निवासी सुरेश कुमार प्राइवेट नौकरी करते हैं। घर में पत्नी ईश्वरी देवी, दो बेटे पवन कुमार, अमन उर्फ गोलू और बेटी पूजा हैं।