लखनऊ के गांधी सेतु से बुधवार दोपहर मड़ियांव के ताड़ीखाना नायकनगर निवासी 11वीं के छात्र गौरव उर्फ गोपाल यादव (16) और उसके मोहल्ले की शिव्यांशी अवस्थी (15) ने एक-दूसरे का हाथ थामकर नदी में छलांग लगाकर जान दे दी। दोपहर करीब पौने तीन बजे हुई इस घटना से हड़कंप मच गया।
विज्ञापन
2 of 9
गांधी सेतु और गोमती रिवर फ्रंट पर मौजूद लोगों ने पुलिस कंट्रोलरूम को सूचना दी। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से दोनों को निकाला। गौरव को लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जबकि शिव्यांशी को पुलिस ने सिविल अस्पताल भेजा। दोनों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
3 of 9
पुलिस ने बताया कि गौरव बीकेटी इंटर कॉलेज से पढ़ाई कर रहा था। दोपहर करीब पौने तीन बजे वह बाइक से शिव्यांशी को लेकर गांधी सेतु पहुंचा। पुल के बीच पहुंचकर उसने बाइक किनारे खड़ी की फिर दोनों पुल की बाउंड्रीवाल पर चढ़ गए।
4 of 9
पुल पर मौजूद लोगों ने दोनों को टोका लेकिन एक-दूसरे का हाथ पकड़कर उन्होंने नदी में छलांग लगा दी। इस घटना के बाद वहां सैकड़ों लोग एकत्र हो गए। पुलिस पहुंची और गोताखोरों की मदद से दोनों को बाहर निकलवाया। इस बीच पुलिस ने गौरव के परिवारीजनों को फोन कर सूचना दी। परिवारीजन आनन-फानन गांधी सेतु पहुंचे लेकिन तब तक दोनों की सांसों की डोर टूट चुकी थी।
विज्ञापन
5 of 9
पुलिस का कहना है कि दोनों का कई साल से मेलजोल था। गौरव के पिता आरपी यादव का आईआईएम रोड पर गोपाल वस्त्रालय के नाम से शोरूम है। गौरव के अलावा बड़ा बेटा प्रभात वकालत कर रहा है। तीन बहनों में एक की शादी हो चुकी है।
विज्ञापन
6 of 9
उधर, शिव्यांशी के पिता रामेश्वर अवस्थी पूजा-पाठ का काम करने के अलावा प्रापर्टी का काम करते हैं। शिव्यांशी के परिवार में मां, बाबा गुरुनारायण के अलावा कक्षा पांच में पढ़ने वाला भाई शिवांशु और कक्षा चार में पढ़ रहे हिमांशु हैं।
विज्ञापन
7 of 9
दोनों साथ पढ़ते थे, हाईस्कूल में फेल हुए तो छात्रा ने छोड़ी पढ़ाई
गौरव और शिव्यांशी बीकेटी इंटर कॉलेज में साथ में पढ़ते थे। हाईस्कूल में दोनों फेल हो गए थे। गौरव दूसरे साल में पास हो गया जबकि शिव्यांशी पढ़ाई छोड़कर घर पर ही रहने लगी। पुलिस के मुताबिक दोनों एक-दूसरे को चाहते थे।
8 of 9
शिव्यांशी ने स्कूल जाना छोड़ा तो दोनों का मिलना-जुलना मुश्किल होने लगा। दोनों छिपकर मिलने लगे जिसका परिवारीजनों को पता चल गया। इसके बाद दोनों पर सख्ती की जाने लगी। इसी के चलते दोनों ने खुदकुशी का फैसला किया।
लाडला था गौरव, छह दिन पहले दिलाई थी नई बाइक
गौरव परिवार का लाडला था। उसके पिता ने पांच-छह दिन पहले ही नई स्पोर्ट्स बाइक खरीदी थी। यह बाइक गौरव ही चलाता था। इसी बाइक से वह शिव्यांशी को गांधी सेतु लेकर आया था। पुलिस ने बाइक के नंबर के आधार पर गौरव के परिवारीजनों से संपर्क किया।