- आर्थिक स्थिति खराब
- काम करने के लिए पूंजी उपलब्ध नहीं
- उच्च दरों पर ब्याज का बोझ
- काम कराने के लिए मानव संसाधन की कमी
इन गांवों को किया जाएगा शामिल
मीरानपुर पिनवट, औसवां, बंथरा सिकंदरपुर, खांडेदेव, सराय शहजादी, बनी, पिपरसंड, रामनौरा, अंदापुर देव, गढ़ी चुनौटी, बेती, भौकापुर, दादूपुर, खसरवारा, पहाड़पुर, जहानाबाद, कुरौनी, नटकुर, किशुनपुर कौडिया, लोनहा, भटगांव, लतीफनगर, हरौनी, रहीमनगर पडियाना, हुलासखेडा, महदनामऊ, भटगांव पांडेय, मिर्जापुर लुट्टौवा, सैदपुर परही, धावापुर, चंद्रावल, रसूलपुर इठुरिया, परवर पूरब, परवर पश्चिम, जैतीखेड़ा, बिजनौर, शाहपुर गझिगवां, सरैया, नूरनगर मदरसा, बीबीपुर, नीवां, मखदूमपुर कैथी, खटोला, भागूखेड़ा, रतौनी।
मंडलायुक्त ने बैठक में यह भी आदेश दिया कि प्राधिकरण के सभी सात जोनों का अलग-अलग सर्वे कराया जाए। अभियंत्रण खंड यह रिपोर्ट बनाकर दे कि कितनी अनियोजित कॉलोनियां उनके यहां हैं। इन्हें वैध करने में क्या दिक्कतें हैं। इन्हें कैसे नियोजित किया जा सकता है। इसका विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर आगे की कार्रवाई एलडीए करे।
शहीद पथ के आसपास से हटाए जाएंगे कब्जे
मुकेश मेश्राम ने शहीद पथ के आस-पास की जमीनों से प्राथमिकता पर कब्जे हटवाने को कहा है। इसके लिए नगर निगम, एलडीए और प्रशासन के तहसीलदारों की टीम बनाई गई है। यह पुलिस औैर प्रशासन के सहयोग से कब्जे हटवाने का काम करेगी। सरकारी जमीनों से विशेष रूप से कब्जे हटाए जाएंगे।
एलडीए बोर्ड ने मोतीनगर में दयानंद बाल सदन से वापस मिलने वाली जमीन पर एम्यूजमेंट पार्क बनाने को मंजूरी दे दी है। वहीं, कब्जे में मौजूद 6.38 वर्गफीट जमीन में से 1.41 वर्गफीट दयानंद बाल सदन के उपयोग के लिए एलडीए देगा। बाकी जमीन पर पार्क और दूसरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बोर्ड की मंजूरी के बाद अब एलडीए जमीन वापस लेने की कार्रवाई शुरू करेगा।
अभियान चलाकर पार्किंग होंगी खाली
मुकेश मेश्राम ने एलडीए को नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस की मदद लेकर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में स्वीकृत पार्किंगों को खाली कराने का अभियान शुरू करने को कहा है। एक मार्च से यह शुरू होगा। मंडलायुक्त खुद इसकी निगरानी करेंगे।