बस्ती में 300 से ज्यादा सड़कें ‘हवा’ में बनाने के मामले में दोनों तत्कालीन सहायक अभियंता अरविंद आर्य और विनय कुमार राम भी जांच में दोषी पाए गए हैं। पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
सरकार ने इस मामले में दोषी अधिशासी अभियंता आलोक रमण को पहले ही बर्खास्त कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, उच्च स्तर पर मुख्यालय की रिपोर्ट का परीक्षण चल रहा है। शीघ्र ही दोषी सहायक अभियंताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
अमर उजाला ने इस घपले का 1 फरवरी 2019 के अंक में खुलासा किया था। इसके बाद हुई जांच में पता चला कि वर्ष 2017-18 और 2018-19 में बस्ती के पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों ने कागजों में ऐसी सड़कों पर धनराशि खर्च दिखा दी, जिन पर काम स्वीकृति ही नहीं था।
जांच में 43.95 करोड़ रुपये की गड़बड़ी मिली थी। इस पर तत्कालीन एक्सईएन आलोक रमण, सहायक अभियंता विनय कुमार राम और अरविंद आर्या को आरोप पत्र दिए गए।
दोष सिद्ध होने पर आलोक बर्खास्त किए जा चुके हैं। वहीं, हाल ही में आई जांच रिपोर्ट में विनय और अरविंद भी दोषी पाए गए हैं। विनय फिलहाल निलंबित हैं, जबकि अरविंद पीडब्ल्यूडी मुख्यालय से अटैच हैं।