फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एसटीएफ की कहानी: मवेशियों का झुंड आने से पलटी थी कार, हमले की आशंका में बदली थी गाड़ी

Sat, 11 Jul 2020 12:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
विज्ञापन
इसी गाड़ी में था विकास... - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

एनकाउंटर में अहम रोल अदा करने वाली यूपी एसटीएफ की ओर से बताया गया है कि सामने मवेशियों का झुंड आने से कार पलट गई। कार में बैठे पुलिसकर्मी कुछ देर के लिए अचेतावस्था में आ गए लेकिन विकास दुबे को कुछ नहीं हुआ और वह इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी की पिस्टल छीनकर फरार होने लगा। 

विज्ञापन


पीछे से आ रही एसटीएफ की टीम ने उसका पीछा किया, उससे सरेंडर करने को कहा, लेकिन उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी और जवाबी फायरिंग में घायल हुआ, उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि विकास दुबे के कई साथी फरार थे ऐसे में खतरा इस बात का था कि उसे छुड़ाने के लिए हमला किया जा सकता है। इसी रणनीति के तहत उसे एक गाड़ी से दूसरी गाड़ी में शिफ्ट किया गया था। 
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि रात भर गाड़ी चलाकर ड्राइवर भी थक गया था, ऐसे में वह अचानक सामने आए मवेशियों की वजह से गाड़ी पर नियंत्रण नहीं रख सका और कार पलट गई।

टोल प्लाजा पर रोकी गई गाड़ियों केसंबंध में उन्होंने बताया कि कानपुर में विकास दुबे का वर्चस्व रहा है। ऐसे में कानपुर के करीब उस पर खतरा अधिक था। कोई मीडिया कर्मी के रूप में काफिले में न शामिल हो जाए, इसलिए टोल प्लाजा के पास लोगों की चेकिंग की जा रही थी। एक ही क्षेत्र में दो दिनों में एनकाउंटर की एक जैसी घटना को उन्होंने महज इत्तेफाक बताया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें