प्रदेश सरकार ने दशहरा के पहले सूबे के करीब 14 लाख कर्मचारियों को बोनस की सौगात दे दी है। हालांकि इसका भुगतान दशहरे के बाद ही संभव हो पाएगा।
बोनस का लाभ सभी पूर्णकालिक अराजपत्रित राज्य कर्मचारी, राजकीय विभागों के कार्य प्रभारित कर्मचारी, सहायता प्राप्त शिक्षण व प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों के कर्मचारी व कैजुअल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी पाएंगे।
पात्र कर्मचारियों को 30 दिन के बोनस के रूप में 3454 रुपये मिलेंगे। इसमें आधी रकम जीपीएफ में जाएगी।
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केंद्र सरकार ने पिछले दिनों वर्ष 2012-13 के लिए अपने कर्मचारियों के लिए 30 दिन के बोनस की घोषणा की थी।
अब प्रदेश सरकार ने उसी तर्ज पर अपने कर्मचारियों को दशहरा के पहले बोनस की सौगात दी है। प्रमुख सचिव वित्त आनंद मिश्र ने शुक्रवार को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया।
आदेश के अनुसार तदर्थ बोनस की स्वीकृत रकम का 50 प्रतिशत हिस्सा संबंधित कर्मचारी के भविष्य निधि खाते में जमा होगा जबकि बाकी 50 प्रतिशत नकद भुगतान किया जाएगा।
यदि कोई कर्मचारी भविष्य निधि खाते का सदस्य नहीं है तो उसे यह रकम नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी) के रूप में दी जाएगी।
जो कर्मचारी 31 मार्च 2013 को रिटायर हो चुके हैं या 30 अप्रैल 2014 तक रिटायर होने वाले होंगे, उन्हें तदर्थ बोनस का पूरा हिस्सा नकद मिलेगा।
ऐसे हुआ बोनस का निर्धारण
वर्ष 2013 के मार्च महीने की वास्तविक औसत आय 3500 रुपये से अधिक होने की स्थिति में 3500 रुपये मासिक आय मानी गई।
चूंकि बोनस 30 दिन का दिया जाता है लिहाजा इसे 3454 रुपये फिक्स किया गया। नियमानुसार कर्मचारियों को 50 प्रतिशत यानी 1727 रुपये नकद मिलेंगे जबकि 1727 रुपये उनके जीपीएफ में जाएगा।
...पर मिलेगा दशहरा के बाद ही
कर्मचारियों को बोनस दशहरा के मौके पर जरूर दिया गया है लेकिन यह रकम उन्हें मिल पाएगी दशहरे के बाद ही। दरअसल शुक्रवार सचिवालय में दशहरे के पहले का अंतिम कार्यदिवस था और रविवार को दशहरा है।
ऐसे में बोनस की रकम कर्मचारियों को दशहरा के पहले मिल पाना संभव नहीं है। बोनस भुगतान की कार्यवाही सोमवार से ही शुरू हो पाएगी।
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