डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान।
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में अब हड्डी की मजबूती की जांच हो सकेगी। इसके लिए रेडियोडाग्यनोसिस विभाग में पौने तीन करोड़ रुपये की बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) मशीन आ गई है। इस मशीन की सहायता से हड्डियों का घनत्व और उनकी ताकत मापी जा सकती है।
यह परीक्षण ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी की पहचान में बेहद अहम है। इस बीमारी में हड्डियां जरा सी चोट लगने पर बुरी तरह से टूट जाती हैं। यह मशीन मरीज को एक मेज पर लिटाकर जांच करती है। इसमें एक्सरे तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें देखा जाता है कि खनिज युक्त हड्डी, नरम ऊतक की तुलना में अधिक एक्स-रे अवशोषित करती है। इसके बाद इसका विश्लेषण किया जाता है। विश्लेषण के बाद मशीन हड्डी के घनत्व को बताती है। हड्डी के घनत्व में कमी को ऑस्टियोपेनिया और बेहद कमी को ऑस्टियोपोरोसिस कहा जाता है। ऑस्टियोपोरोसिस होने पर फ्रैक्चर के जोखिम का पता चलता है।
खनिज की मात्रा बताती है हड्डी की मजबूती
बीएमडी मशीन से बिना दर्द के हड्डी में खनिज की मात्रा की जांच की जाती है। खनिजों की मात्रा कम होने का मतलब हड्डी का कमजोर होना है। इस प्रक्रिया में बिना हड्डी में छेद किए या फिर चीरा लगाए उसकी जांच हो जाती है। इसके बाद हड्डी को मजबूत बनाने का इलाज किया जा सकता है।
जानें, क्यों कमजोर होती हैं हड्डियां
कैल्शियम और विटामिन डी की कमी
खराब जीवनशैली (धूम्रपान, शराब, व्यायाम न करना)
महिलाओं में रजोनिवृत्ति के बाद
बड़ी उम्र
कुछ विशिष्ट दवाओं का सेवन
हड्डी कमजोर होने के लक्षण
मामूली चोट पर फ्रैक्चर
पीठ या कमर में लगातार दर्द होना