बोमन ने कहा, कोई भी कलाकार टीवी या फिल्म इंडस्ट्री में आकर खुद की मेहनत से एक्टर तो बन सकता है लेकिन स्टार बनेगा या नहीं। ये वो नहीं तय करता है। ये पब्लिक तय करती है। आज लोग नवाजुद्दीन सिद्दीकी के काम को पसंद कर रहे हैं, लेकिन ये मुकाम पाने में उन्हें 15-20 साल लगे।
इरफान खान को देखिये, 80-90 के दशक में कई टीवी सीरियल में छोटे बड़े रोल किये। उन्हें पहचान मिली सलाम बांबे के एक रोल से। आप अगर सकारात्मक दिशा में काम करेंगे तो रिजल्ट अच्छा ही आएगा। एक एक्टर के लिए सीखते रहना बहुत जरूरी है।
मैंने यही सीखा है कि एक्टिंग इज वेटिंग...
एक कलाकार के लिये शूटिंग सबसे बोर करने वाला या झिकझिक वाला मोमेंट होता है। उसे बार-बार एक ही काम को पूरा करने के लिए कट और एक्शन बोला जाता है। मैं पसंद करता हूं कि मेरी बारी आये, मैं झटपट अपने डायलॉग बोलूं, एक्ट करूं और फुर्सत मिले। यही सबसे इरिटेट करने वाला मोमेंट होता है लेकिन बदलते समय के साथ मैंने सीखा कि एक्टिंग इज वेटिंग। इंतजार करना आना चाहिए।
बोमन ईरानी नये संवरते लखनऊ को देख एक पल के लिये सरप्राइज रह गये। कहा कि बैंगलौर का ट्रैफिक व वहां की सड़कें तो परेशान करती हैं लेकिन लखनऊ की रोड तो एकदम सुपर हाईवे की तरह है। काफी बदलाव आया है शहर में।