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आठ युवकों समेत गोमती नदी में गिरी बोलेरो, एक की मौत

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फोटो मोहम्मद इमरान महानगर गोमती नदी में गिरी बोलेरो कार पुलिस ने निकाला - फोटो : LKO CITY
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लखनऊ। महानगर के निशातगंज इलाके में सोमवार देर रात रिवर फ्रंट पर बोलेरो के गोमती नदी में चले जाने से उसमें सवार आठ लोग डूब गए। चार युवक किसी तरह से तैरकर बाहर निकल आए। तीन युवकों को एसडीआरएफ की टीम और गोताखोरोें ने बाहर निकाल लिया जबकि एक युवक निखिल गुप्ता (18) निवासी बुद्धेश्वर की मौत हो गई। उसके शव को मंगलवार तड़के निकाला गया।
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प्रभारी निरीक्षक महानगर प्रदीप सिंह के मुताबिक, आठ युवक बोलेरो से बाराबंकी से बुद्धेश्वर जा रहे थे। चालक गाड़ी लेकर रात करीब ढाई बजे रिवर फ्रंट के समता मूलक चौराहे से नदी के किनारे वाले रास्ते पर उतर गया था। कुछ दूर पेपर मिल कॉलोनी के पास पहुंचने के बाद कुकरैल नाले का पानी नदी में बह रहा था। इस वजह से वहां सीसी रोड पर पानी व कीचड़ था। गाड़ी तेज रफ्तार में होने से फिसल गई और चालक नियंत्रण खो बैठा। गाड़ी नदी में चली गई। हादसे में गाड़ी का अगला शीशा टूट गया। चार युवक किसी तरह गेट खोलकर बाहर निकले। वे तैरना जानते थे और बाहर निकल आए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्काल गोताखोरों को नदी में उतारा। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने राहत कार्य शुरू किया।
पॉलीगान सिपाहियों की सतर्कता से बची जान
प्रभारी निरीक्षक प्रदीप सिंह के मुताबिक, रात में बंधे के किनारे पॉलीगान 109 ड्यूटी पर थी। जिस पर हेड कांस्टेबल अनिल यादव और कांस्टेबल नितिन शर्मा गश्त कर रहे थे। रात करीब 2 बजे दोनों ने नदी के किनारे से शोर सुना तो भागकर पहुंचे। देखा कि कुछ युवक खुद को बचाने के लिए चीख रहे थे। दोनों पुलिसकर्मियों ने तत्काल नदी में छलांग लगाई। एक-एक कर तीन युवकों को बाहर निकाला। वहीं चार युवक खुद तैरकर बाहर आ गए। गाड़ी भी खींचकर बाहर करने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। उन्होंने ही पुलिस को सूचना दी थी। एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह और इंस्पेक्टर महानगर प्रदीप कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे। पुलिस टीम ने क्रेन मंगवाई। क्रेन और एसडीआरएफ के जवानों की मदद से कांटे में बोलेरो फंसाकर निकाली गई।
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एसडीआरएफ ने चार घंटे की मशक्कत
एसडीआरएफ को रात करीब 2:30 बजे सूचना दी गई। 18 लोगों की टीम भेजी गई जिसमें विशेष गोताखोर और रेस्क्यू एक्सपर्ट जवान थे। एक-एक कर जवान नदी में कूदे। कम्यूनिकेशन सिस्टम और बीए सेट (ब्रीदिंग ऑपरेटस सेट) के साथ आक्सीजन सिलिंडर बांधे जवानों ने अंडर वाटर टॉर्च जलाकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। गोताखोरों ने बोलेरो को खोज निकाला। इसके बाद क्रेन की मदद से बोलेरो को बांधकर सुबह पांच बजे बाहर निकाला गया। वहीं, चार गोताखोर निखिल को खोजने में लगे थे। करीब सात बजे गोताखोरों ने निखिल को खोज निकाला लेकिन तब तक निखिल की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिवारीजनों ने लगाया हत्या का आरोप
प्रभारी निरीक्षक प्रदीप सिंह के मुताबिक, मौके पर पहुंचे निखिल के परिवारीजनों ने अन्य सात साथियों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक, अभी तक लिखित तहरीर नहीं मिली है। पुलिस इस बारे में जानकारी हासिल कर ही है कि यह बोलेरो लेकर किस जगह से रिवर फ्रंट पर उतरे थे। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे है। पुलिस ने बताया कि चालक से पूछताछ की गई है। चालक ने बताया कि उसे रिवर फ्रंट का रास्ता मालूम था। इसलिए वह उसी रास्ते से बुद्धेश्वर जा रहा था।
बाराबंकी पार्टी करने गये थे युवक
प्रभारी निरीक्षक प्रदीप सिंह के मुताबिक, सभी युवक पारा के डिप्टीखेड़ा के रहने वाले है। बोलेरो पर सवार होकर अब्दुला अली, सौरभ सिंह, शिवम सिंह, विनोद पाल, गौरव सिंह, बाबू गुप्ता, शिवम कुमार और निखिल गुप्ता बाराबंकी गए थे। बाराबंकी में शिवम कुमार का घर है। वहीं देर रात तक सभी ने पार्टी की। वापस आते समय समता मूलक चौराहे के पास से रिवर फ्रंट पर उतर गये थे जिसके बाद भीखमपुर बंधा के पास पहुंचते ही हादसा हो गया।
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