निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने सवाल उठाया कि तराशी गई शिलाएं रामलला परिसर में कैसे जाएंगी। चंपत राय ने बताया कि जूट के एक फिट मोटे गद्दे बनाने पड़ेंगे, जिसे शिला के चारों तरफ रखकर उसके अगल-बगल और ऊपर दूसरी शिलाएं रखी जाएंगी ताकि कहीं कोई डिजाइन में टूट-फूट न हो।
उन्होंने बताया कि शिलाओं को क्रेन से उठाकर लादने में भी रस्सी या लोहे के जंजीर का प्रयोग नहीं होगा। बल्कि शिलाओं को बड़े टायरों में फंसाकर उठाया जाएगा और इसी तरह उतारा जाएगा।