हरियाणा, राजस्थान व पंजाब से खून लाते समय दबोचे गये
एसटीएफ के अधिकारी के मुताबिक आरोपियों को जब पकड़ा गया था। वह उस वक्त राजस्थान, हरियाणा व पंजाब में रक्तदान शिविरों में दिये गये खून को लेकर लखनऊ पहुंच रहे थे। आरोपियाें के पास से बरामद कार के अंदर एक गत्ता मिला। जिसमें 45 यूनिट खून मिला। एसटीएफ ने इसे औषधि निरीक्षक को सुपुर्द कर दिया है। ताकि उसकी जांच कराई जा सके। अभय ने टीम को गुमराह करने की पूरी कोशिश की। वैध खून का काम करने का दावा किया। संबंधित दस्तावेज अपने आवास से देने का वादा किया। इसके बाद टीम ने उसके घर भी गई। इसके अलावा गंगोत्री अपार्टमेंट और दूसरे आरोपी अभिषेक पाठक के सपना इंक्लेव में छापा डाला। जहां से अहम दस्तावेज मिले। जिससे यह साफ हो गया कि दोनों खून की तस्करी करने वाले गिरोह से ताल्लुक रखते हैं। अभिषेक के कुबूलनामे के बाद पुलिस ने उसके कमरे की तलाशी ली। जिसमें घरेलू प्रयोग में लाई जाने वाली फ्रिज के अंदर से 55 यूनिट खून बरामद हुआ।
नामी अस्पतालों में करते थे आपूर्ति
एसटीएफ के सामने आरोपियों ने कुबूल किया कि मिलावटी व तस्करी कर लाए गये खून को लखनऊ के कई नामी अस्पतालों में आपूर्ति करते थे। इमसें अवध हॉस्पिटल आलमबाग, वर्मा हॉस्पिटल काकोरी, काकोरी हॉस्पिटल, लखनऊ निदान ब्लड बैंक, बंथरा व मोहनलालगंज स्थित अस्पताल, सुषमा हॉस्पिटल के अलावा कई अन्य अस्पतालों के नाम शामिल हैं। इस गिरोह के अन्य सदस्यों में कमल सत्तू, दाताराम, हरियाणा का लितुदा, केडी कमाल, डॉ. अजहर राव, दिल्ली के नीलेश सिंह, हरियाणा व दिल्ली में मदद करते हैं। लखनऊ में गिरोह के एजेंट का काम बृजेश निगम, सौरभ वर्मा, दीपू चौधरी, जावेद खान, धीरज तवंर शामिल हैं।
चार से छह हजार रुपये की दर से बेचते हैं खून
आरोपियों ने एसटीएफ के सामने कुबूल किया कि दिल्ली, हरियाणा व राजस्थान में रक्तदान का अधिक चलन है, जिससे वहां पर आसानी से खून उपलबध होता है। जबकि उत्तर प्रदेश, बिहार से इलाज के लिए आने वाले लोगों को रक्तदान करने में परेशानी होती है। जिसके कारण ऐसे लोगों को खून की ज्यादा जरूरत पड़ती है। ऐसे ही लोगों को टारगेट करते हैं। उनसे एक यूनिट मिलावटी खून का 1200 रुपये में खरीदकर 4 से 6 हजार रुपये में देते हैं। स्लाइन वाटर मिलाकर खून को एक से दो यूनिट तैयार करते हैं। वहीं तस्करी के खून की वैधता बताने केलिए फर्जी तरीके से लगाए गये रक्तदान शिविर के आयोजन व उसकी फोटोग्राफी का प्रयोग करते हैं। आरोपियों के खिलाफ सुशांत गोल्फ सिटी थाने में जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, लोगों के जिंदगी से खिलवाड़ करने की धारा में मुकदमा दर्ज कराया गया है।