रक्तदान के लिए अब जागरूकता के साथ-साथ जज्बे और जुनून की भी जरूरत है।
लोगों को संकल्प लेना होगा कि वे हर तीन महीने पर नहीं तो कम से कम अपने जन्मदिन पर रक्तदान जरूर करें, ताकि अपने जन्मदिवस पर दूसरों को जीवन दे सकें।
अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग को समय के साथ आधुनिक बनाना होगा, जिससे मरीजों को बेहतर क्वॉलिटी का ब्लड दिया जा सके।
खून के लिए मरीज के तीमारदार को न भटकना पड़े, इसके लिए बेहतर सिस्टम डवलप किया जाए।
केजीएमयू के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की ओर से ब्राउन हॉल में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में केजीएमयू के फैकल्टी ऑफ मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. राज मलहोत्रा ने ये बात कही।
कुलपति प्रो. रविकांत ने कहा कि ब्लड बैंक किसी भी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की रीढ़ की हड्डी होती है, जितनी खपत होती है उससे अधिक स्टोरेज होना चाहिए।
कार्यक्रम में केजीएमयू के सीएमएस डॉ. एससी तिवारी सहित पूर्व मंत्री नरेश चंद्रा, सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश चंद्रा, डॉ. पीके अग्रवाल समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।