शरीर में खून की कमी, तिल्ली (स्प्लीन) का बढ़ना, लिम्फोसाइट काउंट बढ़ने की समस्या सामने आ रही है तो ये खून से संबंधित विकृति या ब्लड कैंसर होने का संकेत है।
लगातार इस तरह के लक्षण बने रहे तो तुरंत किसी कैंसर रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। केजीएमयू के क्लीनिकल हीमेटोलॉजी विभाग के हेड प्रो.एके त्रिपाठी ने ये जानकारी शनिवार को नेशनल हीमेटोलॉजी अपडेट में दी।
इंडियन सोसाइटी ऑफ हिमैटोलॉजी एंड ब्लड ट्रांस्फ्यूजन के तत्वाधान केजीएमयू के कलाम सेंटर में आयोजित हिमैटोलॉजी अपडेट में प्रो.एके त्रिपाठी ने बताया कि भारत में क्रॉनिक मायलॉयड ल्यूकिमिया (सीएमएल) 20 से 30 वर्ष की उम्र के लोगों को ज्यादा हो रहा है।
जबकि विदेशों मे ये कैंसर विदेशों में 50 साल की उम्र से ज्यादा के लोगों को होता है। एम्स से आए डॉ.एचपी पती ने बताया कि कैंसर अलग-अलग सेल में पैदा होता है। इसलिए उसकी प्रकृति जानना भी जरूरी होता है। इसी पर पूरा इलाज किया जाता है।
इस मौके पर कटक मेडिकल कॉलेज के डॉ. आर के जैना डीन डेंटल प्रो.एपी टिक्कू, पीजीआई चंडीगढ़ के डॉ.पंकज मल्होत्रा, केजीएमयू के डॉ. आशुतोष कुमार आदि भी मौजूद थे।