जहां विस्फोट हुआ, वहां से 150 मीटर दूर मिला सूरज का शव
विस्फोट इतना भीषण था कि लोगों को भागने का मौका तक नहीं मिला। जब तक कुछ समझते, आतिशबाज का मकान ध्वस्त हो गया। धमाके की आवाज काफी दूर तक दहशत फैला रही थी।
हादसे की भयावहता इसी से समझी जा सकती है कि सूरज का क्षतविक्षत शव घटनास्थल से करीब डेढ़ मीटर दूर मिला। जिला अस्पताल में भर्ती पड़ोस की मेहर ने बताया कि उसके पति वैश की दीवार के नीचे दबकर मौत हो गई। दो अधजले शवों की पहचान नहीं हो पाई है।
कई लोगों का पता नहीं
ब्लास्ट में गांव के नन्हे का घर मलबे में बदल गया। नन्हे, उसकी पत्नी राबिया व तीन बच्चों का कुछ पता नहीं चल रहा। घायल मिथुन (14) के पिता शंभूशरण ने बताया कि उनका बेटा हसीब के यहां 100 रुपये रोज पर काम करता था। शंभूशरण के भाई देवीशरण भी वहीं काम करते थे। उनका भी पता नहीं चल सका है।
कई घरों से मिले अवैध बारुद
गांव में रुक-रुक कर धमाका होने पर पुलिस ने देर रात तक आसपास के घरों की तलाशी ली। कई घरों से बारुद और पटाखा बरामद हुए। पुलिस आशंका जता रही है कि गांव के कई लोग पटाखे के अवैध कारोबार में लिप्त हैं।
विस्फोट की सूचना पर धारूपुर गांव पहुंचे डीएम उदयभानु त्रिपाठी ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। जांच एडीएम करेंगे। डीएम ने बताया कि तीन लोगों को गांव के बाहर पटाखा बनाने का लाइसेंस मिला था। उसके बाद भी ये लोग आबादी के अंदर पटाखा बना रहे थे मजिस्ट्रेटी जांच पूरी होने पर कार्रवाई की जाएगी।