लोहिया संस्थान के डॉ. विक्रम सिंह के अनुसार ब्लैक फंगस के मामले इस समय बढ़ गए हैं। पर अभी भी इनकी संख्या बहुत कम है। जिन मरीजों की इम्युनिटी बहुत ही कमजोर है, उनको ही इसका खतरा है। ऐसे मरीजों की संख्या एक फीसदी भी नहीं है। इसलिए परेशान न हों। सिर्फ लक्षणों पर ध्यान दें।
अगर नाक और आंख के बीच सूजन आती है तथा दर्द होता है तो इस पर ध्यान दें। डायबिटीज, अंग प्रत्यारोपण, कीमोथेरेपी वाले मरीज को फंगस का खतरा होता है, बाकी में इसकी आशंका अभी भी बहुत कम है।