लखनऊ। राजधानी में कोरोना के केस तो कम हो रहे हैं, पर ब्लैक फंगस के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। इसने एक और मरीज की जान ले ली। बीते दो दिन में तीन मरीजों की मौत के बाद इसकी दहशत बढ़ गई है। इसके साथ रविवार तक ब्लैक फंगस के करीब 20 मामले थे, जो सोमवार को बढ़कर 43 तक पहुंच गए।
ब्लैक फंगस से लखनऊ में चौथी मौत चंदन अस्पताल में हुई। जानकीपुरम के सहारा स्टेट निवासी 58 वर्षीय व्यक्ति बीते दिनों कोरोना की चपेट में आ गया था। वायरस को मात देने के बाद पोस्ट कोविड दिक्कतें शुरू हो गईं। चेहरे और आंख के बीच सूजन आने पर 10 मई को परिवारीजन मरीज को लेकर चंदन अस्पताल पहुंचे। सीटी स्कैन, एमआरआई व अन्य जांचों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई। डॉक्टरों की छह दिन की कोशिश के बावजूद 16 मई को मरीज की सांसें थम गईं। राजधानी में रहने वाले यह दूसरे मरीज की ब्लैक फंगस से मौत हुई है। इससे पहले एक महिला ने बृहस्पतिवार को दम तोड़ा था। वहीं, ब्लैक फंगस से जान गंवाने दो मरीज अन्य जनपद के थे। चंदन अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ब्लैक फंगस के रोजाना तीन से चार मरीज आ रहे हैं। अस्पताल के आलोक सिंह के अनुसार पिछले सप्ताह से अब तक 10 मरीजों के सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं। इसमें आंख व चेहरे समेत दूसरे अंगों में फैले ब्लैक फंगस को काटकर निकाला गया।
केजीएमयू में भी बढ़े मरीज
ब्लैक फंगस के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। केजीएमयू में ही 24 घंटे के दौरान नौ मरीजों को भर्ती कराया गया। प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह के मुताबिक फंगस के पीड़ितों को अलग वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। इस समय 22 मरीज भर्ती हैं। सबकी हालत स्थिर है। लोहिया संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि उनके यहां ब्लैक फंगस के तीन मरीज भर्ती हैं। सिप्स हॉस्पिटल में भी पांच मरीजों का इलाज हो रहा है। इसमें से दो इस समय भर्ती हैं। इसके अलावा एरा मेडिकल कॉलेज में भर्ती दो मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। दोनों को अलग रखकर इलाज किया जा रहा है। प्रबंधन का कहना है कि पहले से भर्ती इन मरीजों में फंगस के लक्षण सामने आए हैं।