केजीएमयू के डॉक्टरों ने कोविड-19 महामारी के समय लोगों में डर का पर्याय बने म्यूकरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) के संक्रमण को महज 30 रुपये की गोली इट्राकोनोजोल से ठीक करने में सफलता हासिल की है। केजीएमयू के इस सफल परीक्षण को बेहद प्रतिष्ठित जर्नल स्प्रिंगर ने प्रकाशित करके मान्यता दी है।
केजीएमयू के संक्रामक रोग प्रभारी डॉ. डी हिमांशु ने बताया कि कोरोना महामारी के समय संक्रमण को मात देने वाले काफी मरीजों में ब्लैक फंगस के मामले देखे गए। यह बीमारी नई तो नहीं थी, पर साल में इसके इक्का-दुक्का केस ही आते थे।
इस बीमारी के लिए एंफोटेरिसिन-बी इंजेक्शन सामान्य रूप से उपयोग किया जाता है। इस इंजेक्शन की कीमत 1,900 रुपये है। इसके अलावा इस बीमारी की दो नई दवाएं- पोसाकोनाजोल और इसावुकोनाजोल भी आई हैं। पोसाकोनाजोल की एक टैबलेट करीब 450 रुपये की आती है। वहीं इसावुकोनाजोल की एक टैबलेट के लिए करीब 5,800 रुपये चुकाने पड़ते हैं।
शोध में सामान्य फंगल के मामलों में दी जाने वाली इट्राकोनोजोल का इस्तेमाल किया गया। करीब छह महीने इसकी रोजाना दो-दो गोली दी गई। इससे न सिर्फ मरीज की जान बची, बल्कि उनकी बीमारी भी ठीक हो पाई।