भाजपा में प्रत्याशियों के चयन को लेकर चल रही बगावत थामने की कोशिशें नाकाम दिख रही हैं। यही स्थिति रही तो सूबे की बहुत सी सीटों पर पार्टी को न सिर्फ विरोधियों से ही बल्कि अपनों से भी जंग लड़नी पड़ेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और महंत आदित्यनाथ के प्रभाव वाले गोरखपुर क्षेत्र में स्थिति विस्फोटक है। इसकी ताप दोनों क्षेत्रों की 140 सीटों पर महसूस की जा रही है।
पिछले दिनों वाराणसी में पार्टी के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर व अध्यक्ष केशव मौर्य के सामने ही कार्यकर्ताओं ने बवाल किया। कहा जा रहा है कि जल्द डैमेज कंट्रोल की पहल नहीं हुई तो 40 से 60 सीटों पर उम्मीद्वारों को अपनों से जंग लड़नी पड़ेगी।