भाजपा ने संघ परिवार के संगठनों को भरोसा दिलाया है कि पार्टी में जो लोग शामिल हो रहे हैं, उन्हें टिकट का कोई आश्वासन नहीं दिया गया है।
टिकट उन्हें ही दिया जाएगा जो साफ-सुथरी छवि के होंगे। जीतने की स्थिति में होंगे।
इसी के साथ भाजपा ने संघ परिवार से बूथ प्रबंधन और मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने में मदद मांगी।
अपेक्षा जताई कि सभी लोग चुनाव तक भाजपा को मदद पहुंचाने के लिए पूर्णकालिक कार्यकर्ता की तरह काम करें।
इस बीच, राष्ट्रीय स्वयंसेवकसंघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल बुधवार को लखनऊ आ रहे हैं। वे यहां संघ के लोगों से विचार-विमर्श करेंगे।
‘मिशन मोदी’ को परवान चढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मैदान में उतर पड़ा है। सबसे पहले उसने संघ परिवार के सभी घटक दलों, विशेष तौर से भाजपा और दूसरे संगठनों को एक-दूसरे के साथ बैठाकर शिकवा-शिकायतें दूर करने का काम हाथ में लिया है।
दूसरे चरण में इस प्रयास से सामने आए नतीजों का विश्लेषण कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। पहले चरण में मंगलवार को तीन क्षेत्रों पश्चिम, बृज और बरेली के प्रमुख पदाधिकारियों की गाजियाबाद में बैठक हुई।
आशंका उठी तो शिकवा भी हुए
बैठक में शामिल संगठनों ने आशंका जताई कि भाजपा में जिस तरह दूसरे दलों के लोग आ रहे हैं, उसके चलते मूल कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो सकती है।
पहले भी ऐसा हो चुका है। दूसरे दल के लोग आए। टिकट लिया और भाजपा के बुरे दौर के साथ ही छोड़कर चले गए।
यह भी बात सामने आई कि बाहर से आने वाले टिकट पाने के बाद अपना पूरा तंत्र खड़ा कर लेते हैं। जिले में संगठन के मूल लोगों की अनदेखी करते हैं।
दागियों को टिकट से संघ परिवार के दूसरे संगठनों के काम करने में परेशानी की बात भी कही गई।
भाजपा के प्रदेश प्रभारी अमित शाह ने आश्वस्त किया कि इन बातों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। आने वालों को टिकट का कोई आश्वासन नहीं दिया गया है। इन कसौटियों पर खरे उतरने वालों को ही टिकट दिए जाएंगे।
न होने पाए ध्रुवीकरण
बैठक में भाजपा की तरफ से इस बात पर विशेष जोर रहा कि भूल से भी ऐसा कोई काम या बात न होने पाए जिससे मुसलमानों के ध्रुवीकरण की संभावना उत्पन्न होती हो।
तर्क दिया गया कि तमाम कारणों से मुसलमानों में भाजपा को लेकर पहले की तुलना में भरोसा बढ़ रहा है।
प्रतिशत भले ही कम हो लेकिन पढ़े-लिखे मुस्लिम नौजवान और अन्य लोग विकास के मुद्दे पर भाजपा को भी एक बार आजमाने का मन बना रहे हैं। ये लोग तुष्टीकरण नीति से आजिज आ चुके हैं।
भाजपा चुनाव में इन लोगों का भरोसा जीत पाई तो आगे उसे मुसलमान विरोधी बताकर वोट जुटाने वाली कांग्रेस, सपा व बसपा जैसे दलों के हौसले पस्त हो जाएंगे।
बैठक में अमित शाह के अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, अभियान समिति के संयोजक डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, महामंत्री संगठन राकेश जैन और विद्यार्थी परिषद के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मंत्री दीपक ऋषि, राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य महेश राठौर, सुनील वार्ष्णेय सहित कई महत्वपूर्ण लोग शामिल थे।