पार्टी के एक सूत्र के मुताबिक पिछले दिनों एक केंद्रीय पदाधिकारी ने सर्वे एजेंसियों के लोगों से कुछ मौजूदा विधायकों के स्थान पर नए व जिताऊ चेहरे तलाशने को लेकर चर्चा की थी। चर्चा में यह रणनीति बनी थी कि विधानसभा चुनाव में करीब 40 फीसदी नए चेहरों को मौका दिया जाना चाहिए। पंचायत चुनाव के नतीजों के बहाने पार्टी को विधायकों के टिकट काटने का मजबूत आधार भी मिल गया है।