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...तो भाजपा भी रैली के लिए बसपा की ही चाल चलेगी

Sun, 09 Feb 2014 09:46 AM IST
अखिलेश बाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
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भले ही भाजपा और बसपा में कोई सीधा रिश्ता न हो लेकिन मोदी की महारैली में भीड़ जुटाने के लिए पार्टी ने बसपाई फॉर्मूले पर अमल किया है।
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भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से राजधानी लखनऊ के आसपास के जिलों पर डाली गई है।

साथ ही भीड़ के दावों की सच्चाई जानने के भी इंतजाम किए गए हैं। भीड़ जुटाने के लिए सूबे को तीन हिस्सों में बांटा गया है।

एक परिधि 100-150 किमी. की तय की गई है। दूसरी परिधि 250 किमी. की तय की गई है। इससे ज्यादा दूरी पर स्थित स्थानों को तीसरे हिस्से में रखा गया है।

पहली परिधि में आने वाले जिलों से मोटरसाइकिल, कार व जीप तक से लोगों को लाने की योजना बनाई गई है।

इसके लिए सेक्टर व जोनवार लोगों को जिम्मेदारी देने और उनसे रैली में आने वालों का ब्यौरा तैयार कराने का भी फैसला किया गया है। साथ ही गाड़ियों के नंबरों की सूची बनाकर भी ब्लॉक और जिलों के प्रभारियों को देने को कहा गया है।

सबसे ज्यादा जोर लखनऊ पर
लखनऊ महानगर को लगभग 1.50 लाख व जिला से एक लाख लोगों को लाने को कहा गया है। कानपुर को भी एक लाख लोगों को लाने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्नाव व बाराबंकी को 50-50 हजार, रायबरेली को 30 हजार तो सीतापुर, हरदोई से भी 40 से 50 हजार लोगों को लाने का लक्ष्य दिया गया है।
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सीमाओं पर होगी निगरानी
भीड़ जुटाने के फॉर्मूले के तहत टिकट के दावेदारों को भी लोगों को लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बसपा की तर्ज पर भीड़ के दावों की हकीकत जांचने के भी प्र्रबंध किए जा रहे हैं। लखनऊ के चारों ओर सीमाओं पर कैम्प बनाए जाएंगे।
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इन कैम्पों से बसों और वाहनों पर नजर रखकर भीड़ की सच्चाई परखी जाएगी।इसके लिए सेक्टर और बूथवार कोड नंबर भी तय किए जा रहे हैं, जो वाहनों पर भी लगाए जाएंगे।कैम्पों में बैठने वाले इन नंबरों के आधार पर भीड़ लाने वालों का विश्लेषण करेंगे।
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