भाजपा के जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी प्रदेश मुख्यालय से घोषित किए जाएंगे। हालांकि इनके चयन की प्रक्रिया मंडल स्तर से शुरू होकर जिला इकाइयों के माध्यम से प्रदेश नेतृत्व तक आएगी। पार्टी ने पंचायत चुनाव में बगावत पर नियंत्रण के लिए तय किया है कि अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। फरवरी के दूसरे सप्ताह तक मंडलों से लेकर क्षेत्रों की बैठकें करके जमीनी तैयारियों को अंतिम रूप देने की रणनीति बनाई गई है।
पार्टी मुख्यालय पर रविवार को प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता में पंचायत चुनाव से जुड़े सरकार के मंत्रियों व प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें पंचायत आरक्षण घोषित होते ही प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया गया। तय हुआ कि जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशियों के चयन में मंडल स्तर पर बनी समितियों की भूमिका रहेगी ताकि सक्षम कार्यकर्ताओं को मौका मिल सके। उनके जरिये प्रत्याशियों के नामों में से जिला स्तर पर विचार-विमर्श कर प्रदेश मुख्यालय को पैनल भेजे जाएंगे। निर्णय और घोषणा प्रदेश मुख्यालय से की जाएगी। बैठक में मंत्री भूपेंद्र चौधरी, ब्रजेश पाठक, डॉ. महेंद्र सिंह, स्वामी प्रसाद मौर्य, संगठन के उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह, प्रदेश महामंत्री अमरपाल, प्रियंका रावत भी शामिल हुईं।
ये भी बनी योजना
इसी सप्ताह जिला पंचायत सदस्यों के लिए निर्धारित सभी 3000 से अधिक क्षेत्रों और संगठन की दृष्टि से बने 1400 से अधिक मंडलों की बैठकें शुरू कर दी जाएंगी। इसमें वहां के भाजपा के प्रमुख कार्यकर्ताओं, जिलों व क्षेत्रों के पदाधिकारियों, पंचायत चुनाव के लिहाज से तय किए गए संयोजकों और प्रभारियों के साथ विचार-विमर्श कर जमीनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। बूथ कमेटियों की समीक्षा के साथ बूथ प्रबंधन एवं मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने की रणनीति का खाका भी खींचा जाएगा।