मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए संकल्पित है। झांसी में स्ट्रॉबेरी महोत्सव का आयोजन जैसे अभिनव प्रयास इसमें सहायक हैं। इन प्रयासों से किसानों को जोड़ने की आवश्यकता है। जिला प्रशासन को जागरूक करने के लिए प्रभावी और सार्थक प्रयास करने चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह बातें रविवार को झांसी में आयोजित स्ट्रॉबेरी महोत्सव के वर्चुअल शुभारंभ के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि किसान को खेत से बाजार तक विभिन्न सुविधाएं दी जा रही हैं। इससे किसान आम उपभोक्ता को महंगाई से बचाकर अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। सरकार ने बाण सागर सिंचाई परियोजना पूरी कर ली है। मध्य गंगा व सरयू नहर समेत एक दर्जन सिंचाई परियोजनाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। इससे 20 लाख हेक्टेयर की अतिरिक्त सिंचन क्षमता सृजित होगी। बुंदेलखंड की धरती पर स्ट्रॉबेरी महोत्सव का आयोजन देश व प्रदेश के लिए नया संदेश है। इससे बुंदेलखंड के बारे में लोगों की धारणा में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। स्ट्रॉबेरी सामान्यत: शीतोष्ण जलवायु की फसल है। झांसी में पहले घर की छत पर फिर खेतों में उगाई गई। आशा है यह महोत्सव बुंदेलखंड को नई पहचान दिलाएगा।
योगी ने सुल्तानपुर के किसान के ड्रैगन फ्रूट की खेती का जिक्र कर कहा कि सिद्धार्थनगर में काला नमक चावल, चंदौली में ब्लैक राइस, बाराबंकी में सब्जी, कौशांबी व प्रयागराज में अमरूद, पश्चिम के जिलों में ऑर्गेनिक गुड़ को केंद्र में रखकर प्रयास करने चाहिए। उन्होंने झांसी में स्ट्रॉबेरी की खेती में टिश्यू कल्चर के प्रयोग की सराहना की। कहा कि तकनीक के प्रयोग से फसलों की लागत कम की जा सकती है। सरफेस वाटर और ड्रिप इरिगेशन से सिंचाई क्षमता बढ़ाई जा सकती है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एमएसएमई नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी मौजूद रहे। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही समेत अन्य जनप्रतिनिधि भी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।