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महंगाई पर घिरी अखिलेश की सरकार

Sat, 22 Feb 2014 09:40 AM IST
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
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भाजपा ने प्रदेश सरकार पर खाद्य पदार्थों की महंगाई को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को विधानसभा से बहिष्कार किया।
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खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने दावा किया कि सरकार के निर्देश पर डीएम और कमिश्नरों ने गंभीर कदम उठाए हैं। इससे खाद्य पदार्थों के दाम गिरे हैं।

भाजपा के सतीश महाना ने प्रश्न प्रहर में खाद्य पदार्थों की महंगाई का सवाल उठाया। कहा कि प्रदेश सरकार में महंगाई रोकने की इच्छा शक्ति नहीं है। खाद्य पदार्थों के दाम हर रोज बढ़ रहे हैं।

उन्होंने खाद्य एवं रसद मंत्री से पूछा कि क्या खाद्य पदार्थों के बढ़ते मूल्यों पर अंकुश लगाने के लिए कोई कार्ययोजना प्रस्तावित है।

इस पर मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने कहा कि महंगाई रोकने के लिए कोई नई कार्ययोजना नहीं बनाई गई है। जमाखोरों पर कार्रवाई के लिए पहले से ही कार्ययोजना बनी हुई है।
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आवश्यक वस्तुओं की मूल्य वृद्धि, कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए कमिश्नरों और डीएम को सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने प्रभावी कदम उठाए हैं और प्याज समेत अन्य चीजों के दाम गिरे हैं। भाजपा के सुरेश खन्ना ने कहा कि महंगाई रोकने की पुरानी व्यवस्थाएं निष्प्रभावी हो गई हैं।

यूपी में डीजल पर सर्वाधिक 17.23 रुपये प्रति लीटर टैक्स है। डीजल की महंगाई से ट्रांसपोर्ट और कृषि एवं औद्योगिक उत्पादन प्रभावित होता है।

क्या सरकार डीजल पर टैक्स घटाने पर विचार कर रही है? राजा भैया ने कहा कि डीजल खाद्य पदार्थ नहीं है। इसकी महंगाई के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। इस पर कांग्रेस के प्रदीप माथुर ने विरोध जताया।
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उन्होंने कहा कि डीजल पर सर्वाधिक टैक्स यूपी में है। प्रदेश की वैट नीति से डीजल पर महंगाई बढ़ी है। सतीश महाना ने कहा कि प्रदेश सरकार के पास महंगाई रोकने की कोई कार्ययोजना नहीं है।

महंगाई को लेकर सरकार संवेदनशील नहीं है। मंत्री के जवाब से अंसतुष्ट भाजपा सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बायकॉट कर गए।

भूख के चलते कर रहे आत्महत्याएं
भाजपा के सुरेश खन्ना ने राजस्व मंत्री से पूछा कि भुखमरी से होने वाली आत्महत्याओं को रोकने के लिए सरकार ने क्या नीति बनाई है।

उन्होंने लखीमपुर के बस्तोली में सत्यपाल द्वारा भुखमरी और गरीबी से तंग आकर आत्महत्य करने का मामला उठाया।
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