विधानसभा चुनाव से पहले सियासी नब्ज टटोलने के लिए भाजपा हाईकमान ने यूपी में डेरा जमाया है। वजह चाहे कोई भी हो लेकिन भाजपा के शीर्ष रणनीतिकार 19 से 23 नवंबर तक यूपी में प्रवास कर चुनावी रणनीति की थाह ले रहे हैं।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता बताते हैं कि विधानसभा चुनाव की जीत पार्टी के भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके परिणाम न केवल 2024 में होने वाले आम चुनाव को प्रभावित करेंगे बल्कि 2024-25 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर भी इसका बड़ा असर होगा।
यही कारण है कि यूपी विधानसभा चुनाव की रणनीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संभाल ली है। चुनाव से पहले डीजीपी कॉन्फ्रेंस का आयोजन यहां कर भाजपा हाईकमान ने योगी आदित्यनाथ सरकार में प्रदेश की कानून-व्यवस्था में हुए सुधार का संदेश देने की कोशिश की है।
गृहमंत्री शाह 19 नवंबर को कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करने के बाद दूसरे दिन भी मौजूद रहे। वहीं प्रधानमंत्री भी शुक्रवार को झांसी और महोबा में करोड़ों की सौगात देने के बाद रात को लखनऊ पहुंचे। शनिवार को डीजीपी कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के बाद मोदी ने शनिवार को भी लखनऊ में रात्रि विश्राम किया। मोदी ने राजभवन में मुख्यमंत्री योगी और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से विभिन्न मुद्दों पर वार्ता भी की।