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उपचुनावः भाजपा नहीं संघ लड़ेगा असली 'जंग'

Sat, 30 Aug 2014 11:05 AM IST
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
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विधानसभा की 11 सीटों के उपचुनाव में टिकट वितरण को लेकर जगह-जगह मची रार ने भगवा रणनीतिकारों के कान खड़े कर दिए हैं। उन्हें चिंता है कि कहीं यह स्थिति भाजपा का बना बनाया खेल बिगाड़ न दे।
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इसलिए भगवा टोली ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं की मदद लेने का फैसला किया है। यह कार्यकर्ता संबंधित क्षेत्रों में रहने वाले संघ परिवार के सभी सदस्यों से बातचीत करके मतभेदों को खत्म करने की कोशिश करेंगे।

साथ ही चुनाव प्रबंधन पर भी नजर रखेंगे। कुल मिलाकर असली लड़ाई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ही लड़ेगा।

पर कहा तो कुछ और गया था

पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को उम्मीद थी कि लोकसभा चुनाव में मिली भारी जीत के चलते विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रत्याशियों के नामों पर बहुत ज्यादा बवाल नहीं होगा।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने टिकट घोषित होने से पहले दावा भी किया था कि प्रत्याशियों के बारे में स्थानीय कार्यकर्ताओं व जिलों के पदाधिकारियों से पूरा विचार-विमर्श कर लिया गया है।

उपचुनाव को लेकर पार्टी के भीतर काफी उत्साह है और जो भी प्रत्याशी घोषित होगा, पार्टी कार्यकर्ता एकजुट होकर उसके साथ जुटेंगे।

आपस में ही भिड़ रहे पार्टी कार्यकर्ता

प्रत्याशी घोषित होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष का यह अनुमान गलत निकला। कई जगह भाजपा की अंतर्कलह सतह पर दिखाई देने लगी है। बिजनौर में नामांकन के दौरान पार्टी के दो गुटों में मारपीट, हमीरपुर, चरखारी व नोएडा में प्रत्याशियों के नामांकन से पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं की बड़ी संख्या के दूर रहने, सहारनपुर में भाजपा के एक गुट द्वारा प्रत्याशी का विरोध और कई जगह प्रत्याशियों के नामांकन में स्थानीय सांसदों की गैरहाजिरी ने भगवा टोली के रणनीतिकारों के कान खड़े कर दिए।
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ये होगी रणनीति

इसी के बाद रणनीतिकारों ने इस कलह को खत्म करने के लिए संघ से गुहार लगाने का फैसला किया है। संघ के पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं को हर सीट पर लगाने की रणनीति बनी है।

यह कार्यकर्ता चुनाव वाले क्षेत्रों में संघ परिवार के विभिन्न संगठनों के बीच समन्वय के साथ नाराज लोगों को मनाकर व समझाकर चुनाव में लगाएंगे। साथ ही प्रत्याशियों को उनके साथ बैठाकर नाराजगी दूर करने की कोशिश करेंगे।

रणनीतिकारों का मानना है कि संघ के पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से एक तो कोई नेता या गुट खुलकर पार्टी का विरोध नहीं कर पाएगा। साथ ही प्रत्याशी और उसके समर्थक भी मनमानी नहीं कर पाएंगे।

साथ ही यह कार्यकर्ता संघ परिवार के सभी संगठनों के प्रमुख लोगों को साथ लेकर उन्हें प्रचार और चुनाव प्रबंधन भी करेंगे।
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